राजनीतिक लाभ या भारत से दुश्मनी... PAK के बाद अब तुर्की को सौंपा बांग्लादेश का विवादित नक्शा, आखिर चाहते क्या हैं यूनुस?

Greater Bangladesh Map Controversy: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने तुर्की संसदीय प्रतिनिधिमंडल को हाल ही में एक विवादित मानचित्र भेंट किया, जिसे बांग्लादेश ने “आर्ट ऑफ ट्रायम्फ” नाम दिया है.

After PAK now the disputed map has been handed over to Türkiye what does Yunus want
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Greater Bangladesh Map Controversy: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने तुर्की संसदीय प्रतिनिधिमंडल को हाल ही में एक विवादित मानचित्र भेंट किया, जिसे बांग्लादेश ने “आर्ट ऑफ ट्रायम्फ” नाम दिया है. इस मानचित्र में भारत के पूर्वोत्तर हिस्सों को बांग्लादेश में दिखाया गया है. भारत ने पहले भी ऐसे ग्रेटर बांग्लादेश मानचित्र पर आपत्ति जताई थी, लेकिन यूनुस लगातार इसे विदेश प्रतिनिधिमंडलों के साथ साझा कर रहे हैं.

“आर्ट ऑफ ट्रायम्फ” नामक इस कलाकृति में एक ग्रेटर बांग्लादेश योजना का चित्रण किया गया है. इसमें असम और पश्चिम बंगाल समेत भारत के कई हिस्सों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया है. इस कलाकृति को मुहम्मद यूनुस ने तुर्की प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख को सौंपा. इससे पहले भी उन्होंने यही मानचित्र पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों को दिखाया था.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह मानचित्र केवल कूटनीतिक उपहार नहीं बल्कि एक राजनीतिक और प्रतीकात्मक संदेश भी है. इसे भारत को चुनौती देने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बांग्लादेश के दृष्टिकोण को दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

भारत को उकसाने की रणनीति

सूत्रों के अनुसार, यूनुस का कदम केवल प्रतीकात्मक नहीं है. इस दस्तावेज़ में संभावित युद्ध योजनाएं और विजय के बाद के विकास कार्य भी शामिल हैं. इसे भारत को चिढ़ाने के लिए बनाया गया माना जा रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर दृष्टि रखने और राजनीतिक दबाव बनाने का एक तरीका है. इससे भारत के जवाबी कदम और अंतरराष्ट्रीय ध्यान बांग्लादेश की ओर खिंचा जा सकता है, जिसका फायदा यूनुस आगामी चुनावों में उठा सकते हैं.

भारत के दुश्मनों के साथ बढ़ती दोस्ती

मुहम्मद यूनुस जानबूझकर भारत के विरोधी देशों के साथ कूटनीतिक दोस्ती कर रहे हैं. उन्होंने पहले पाकिस्तान के सैन्य और खुफिया अधिकारियों को बांग्लादेश बुलाया. अब तुर्की को इसी तरह का विवादित मानचित्र सौंप कर वे भारत विरोधी संदेश को और मजबूत कर रहे हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि तुर्की पाकिस्तान का कट्टर समर्थक है और भारत के खिलाफ अक्सर अपनी कूटनीतिक ताकत दिखाता रहा है. ऐसे में यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए चिंताजनक संकेत है.

राजनीतिक रणनीति और आगामी चुनाव

अन्य विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस इस विवादित कदम के पीछे आंतरिक राजनीतिक लाभ भी देख रहे हैं. भारत-विरोधी माहौल बनाने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन जुटाने से वे आगामी बांग्लादेश चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं.

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