ईरान की ओर बढ़ रहे अमेरिका के 3 नए युद्धपोत, आधुनिक हथियारों के साथ 4000 सैनिक तैनात, क्या है प्लान?

पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करना शुरू कर दिया है.

3 new American warships heading towards Iran 4000 soldiers deployed
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करना शुरू कर दिया है. ताजा जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के तीन बड़े युद्धपोत- USS बॉक्सर, USS पोर्टलैंड और USS कॉमस्टॉक कैलिफोर्निया से रवाना हो चुके हैं और इनका रुख ईरान की दिशा में है. इन जहाजों पर हजारों मरीन सैनिक तैनात हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

तीन बड़े युद्धपोतों की तैनाती, बढ़ी सैन्य ताकत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, USS बॉक्सर के नेतृत्व में यह नौसैनिक टुकड़ी आगे बढ़ रही है. इसके साथ USS पोर्टलैंड और USS कॉमस्टॉक भी शामिल हैं. इन तीनों जहाजों पर करीब 2500 मरीन सैनिक सवार हैं. इसके अलावा 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भी इस मिशन का हिस्सा है.

पहले से ही USS ट्रिपोली हिंद महासागर के पूर्वी हिस्से में मौजूद है, जो 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के साथ तैनात है. इन सभी तैनातियों को जोड़ दिया जाए तो क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की संख्या करीब 8000 तक पहुंच सकती है.

F-35B लड़ाकू विमानों से लैस जहाज

इन युद्धपोतों की खासियत यह है कि इनमें F-35B जैसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट तैनात हैं. ये विमान कम दूरी से उड़ान भर सकते हैं और रडार से बचने की क्षमता रखते हैं. इसके अलावा हेलीकॉप्टर और अन्य सैन्य उपकरण भी इन जहाजों पर मौजूद हैं, जिससे ये चलते-फिरते एयरबेस की तरह काम करते हैं.

हालांकि हाल ही में ईरान की ओर से एक F-35 को नुकसान पहुंचाने का दावा भी किया गया है, जिससे साफ है कि हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं.

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की तैयारी?

अमेरिका की इस बढ़ती तैनाती को लेकर यह चर्चा भी तेज है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए रणनीतिक कदम उठा सकता है. यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है.

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि अमेरिका ईरान की खाड़ी में मौजूद कुछ द्वीपों पर कब्जा कर सकता है, ताकि इस मार्ग को सुरक्षित किया जा सके. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि वह किसी भी नए क्षेत्र में सैनिक नहीं भेज रहे हैं.

जल्दबाजी नहीं, लंबी रणनीति पर काम

अधिकारियों के मुताबिक, USS बॉक्सर को तय समय से पहले रवाना किया गया है. इससे संकेत मिलता है कि पेंटागन क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत को तेजी से बढ़ाना चाहता है. हालांकि इस युद्धपोत को संघर्ष क्षेत्र तक पहुंचने में करीब तीन हफ्ते लग सकते हैं.

इससे यह भी साफ होता है कि अमेरिका केवल तत्काल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि लंबी रणनीतिक तैयारी के तहत कदम उठा रहा है.

USS बॉक्सर: समुद्र में चलता-फिरता सैन्य अड्डा

USS बॉक्सर एक शक्तिशाली ‘अम्फीबियस असॉल्ट’ युद्धपोत है, जिसे छोटे एयरबेस की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. यह जहाज एक साथ लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और सैकड़ों सैनिकों को लेकर चल सकता है.

इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह सीधे समुद्र से ही एयर और ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर सकता है, यानी बिना जमीन पर उतरे दुश्मन पर हमला करने की क्षमता रखता है.

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