Meta New Policy: फेसबुक और इंस्टाग्राम दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स हैं. लाखों लोग इनसे पैसे भी कमा रहे हैं, लेकिन अब मेटा इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स से मंथली चार्ज लेने की योजना बना रहा है. अब तक भारत में इन प्लेटफॉर्म्स को मुफ्त में इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन मेटा एक नई पॉलिसी लेकर आ रहा है, जिसके तहत अगर यूजर एड्स नहीं देखना चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना होगा.
ऐड-फ्री मेंबरशिप सर्विस
मेटा ब्रिटेन में रहने वाले यूजर्स के लिए एक नई सब्सक्रिप्शन सर्विस शुरू करने की योजना बना रहा है, जो उन्हें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐड्स से बचने का मौका देगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा पहले ही यूरोपीय संघ (EU) में ऐड-फ्री सर्विस प्रदान कर रहा है और अब ब्रिटेन में भी यह सर्विस शुरू करने की तैयारी में है.
क्यों ले रहा है मेटा ये फैसला?
मेटा का यह कदम एक कानूनी मामले से जुड़ा है. ब्रिटेन के एक व्यक्ति ने मेटा के खिलाफ व्यक्तिगत ऐड्स न दिखाने की शिकायत की थी, जिसके बाद मेटा ने लंदन हाई कोर्ट में इस मामले पर सहमति जताई. इस मामले की शुरुआत 2022 में हुई थी, जब मानवाधिकार कार्यकर्ता तान्या ओ'कैरेल ने मेटा के खिलाफ $1.5 ट्रिलियन (लगभग 12.8 लाख करोड़ रुपये) का केस दायर किया था. तान्या ने आरोप लगाया था कि मेटा ने उनके व्यक्तिगत डेटा का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और उस डेटा के आधार पर उनके लिए टार्गेटेड ऐड्स दिखाए गए. ब्रिटेन की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने तान्या का समर्थन किया और मेटा को ऑनलाइन टार्गेटेड ऐड्स के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव डाला.
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EU में मेटा की ऐड-फ्री सर्विस और कीमत
मेटा ने 2023 में यूरोपीय संघ (EU) में ऐड-फ्री मेंबरशिप सर्विस शुरू की थी. इस सर्विस को लागू करने का मुख्य उद्देश्य डेटा प्रोटेक्शन के नियमों का पालन करना था, जैसे जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (GDPR) और डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA). 2024 में, मेटा ने अपनी सब्सक्रिप्शन सर्विस की कीमतों में 40 प्रतिशत की कमी की.
वेब पर: मंथली सदस्यता शुल्क €5.99 (लगभग 554 रुपये) है.
iOS और Android पर: मंथली शुल्क €7.99 (लगभग 739 रुपये) है.
इस तरह, मेटा का उद्देश्य यूजर्स को ऐड-फ्री अनुभव देने के साथ-साथ कानूनी नियमों का पालन करना भी है.