AI से लैस है ट्रंप का F-47, चीन-पाकिस्तान के लिए बनेगा 'विलेन'; जानिए F-35 से कितना अलग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 6वीं पीढ़ी के F-47 फाइटर जेट के निर्माण की घोषणा की है, जिसे नेक्स्ट जनरेशन एयर डोमिनेंस (NGAD) प्रोग्राम के तहत तैयार किया जाएगा.

Trump F47 is equipped with AI China and Pakistan F35
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 6वीं पीढ़ी के F-47 फाइटर जेट के निर्माण की घोषणा की है, जिसे नेक्स्ट जनरेशन एयर डोमिनेंस (NGAD) प्रोग्राम के तहत तैयार किया जाएगा. इस घोषणा के बाद से F-47 को लेकर काफी चर्चा हो रही है, और इसके नाम के पीछे भी एक खास कहानी है. कहा जा रहा है कि इस फाइटर जेट का नाम ट्रंप से जुड़ा हुआ है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति थे, और उनके नाम की वजह से इसे F-47 नाम दिया गया है.

F-35 से काफी एडवांस

हालांकि, फिलहाल F-47 की तकनीकी जानकारी ज्यादा स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन यह माना जा रहा है कि यह अमेरिका के 5वीं पीढ़ी के F-35 से काफी एडवांस होगा. बताया जा रहा है कि F-47 को 2030 तक सेवा में लाने की योजना है. इस फाइटर जेट में उन्नत डिजिटल सुविधाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वॉरफील्ड कमांड, कंट्रोल और कम्युनिकेशन (C3) क्षमताएं, और साइबर युद्ध करने जैसी तकनीकें हो सकती हैं. हालांकि, इसके बारे में आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है, और केवल अनुमान ही लगाए जा रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, F-47 एक मानवरहित फाइटर जेट भी हो सकता है, जिसे AI के जरिए ऑपरेट किया जा सकेगा. दिलचस्प बात यह है कि F-47 मानव-चालित और ड्रोन (Collaborative Combat Aircraft - CCA) के साथ मिलकर काम करेगा, यानी यह ड्रोन विंगमैन के साथ सहयोग करेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि F-47 को इस तरह से डिज़ाइन किया जाएगा कि इसे उड़ाने के लिए पायलट की आवश्यकता न हो.

F-35 की रेंज लगभग 2,200 किलोमीटर

वहीं, अगर हम F-35 की बात करें, तो यह 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट है, जिसने 2006 में अपनी पहली उड़ान भरी थी. F-35 को एक मल्टी-रोल विमान माना जाता है, जो हवा से हवा में, हवा से जमीन पर, और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे मिशनों के लिए तैयार किया गया है. इसमें उन्नत स्टील्थ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे रडार से बचाने में मदद करती है, हालांकि इसकी स्टील्थ F-22 के मुकाबले कम है. F-35 की रेंज लगभग 2,200 किलोमीटर है, और इसमें आंतरिक हथियार बे मौजूद हैं, जो स्टील्थ बनाए रखते हुए मिसाइलों और बमों को ले जा सकते हैं. F-35 के तीन वेरिएंट्स (A, B, C) उपलब्ध हैं, हालांकि इसकी मेंटेनेंस की लागत बहुत ज्यादा है.

F-47 के बारे में कहा जा रहा है कि इसे डिजिटल डिजाइन और ओपन-सिस्टम आर्किटेक्चर के साथ तैयार किया जा रहा है, जिससे इसे मेंटेन और अपग्रेड करना आसान होगा. इस बात का भी दावा किया जा रहा है कि F-47 का रखरखाव F-35 की तुलना में सस्ता होगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, F-47 संभवतः आखिरी ऐसा फाइटर जेट होगा जिसे कोई इंसान उड़ाएगा, इसके बाद आने वाले सभी फाइटर जेट्स को उड़ाने की क्षमता इंसानों के पास नहीं होगी. F-47 की कीमत F-35 से तीन से चार गुना ज्यादा हो सकती है, और इसे अब तक के सबसे महंगे फाइटर जेट्स में से एक माना जा रहा है. इसके निर्माण की लागत इतनी ज्यादा है कि शुरुआत में अमेरिका ने इस प्रोजेक्ट से हाथ भी खींच लिया था, क्योंकि इसकी कीमत अमेरिकी बजट से भी बाहर थी.

ये भी पढ़ेंः ईद पर तुर्की के खलीफा एर्दोगन ने मांगी दुआ- 'इजरायल को नष्ट कर दे अल्लाह', नेतन्याहू का खौलेगा खून?