Strait of Hormuz: होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय झंडे वाले कितने जहाज फंसे, वहां से कैसे निकालेगी सरकार?

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी दुनिया की चिंता का केंद्र बन गया है.

How many Indian flagged ships got stranded in the Strait of Hormu
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Strait of Hormuz: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी दुनिया की चिंता का केंद्र बन गया है. इसे दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति का रास्ता माना जाता है, लेकिन ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के चलते यह इलाका बेहद संवेदनशील बन गया है.

संघर्ष के बीच ईरान ने इस जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था, जिससे कई देशों के जहाज फंस गए. भारत के भी कई व्यापारिक जहाज और सैकड़ों नाविक इस इलाके में मौजूद हैं. हालांकि अब कुछ जहाज सुरक्षित निकलने लगे हैं और भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है.

नीचे इस पूरे मामले से जुड़े 10 अहम अपडेट आसान भाषा में समझिए:

1. होर्मुज में फंसे हैं भारत के कई जहाज

तनाव के बीच भारत के करीब 28 से 30 व्यापारिक जहाज होर्मुज के आसपास फंसे बताए जा रहे हैं. इन जहाजों पर सैकड़ों भारतीय नाविक मौजूद हैं.

2. दो भारतीय टैंकर सुरक्षित निकल चुके

सूत्रों के अनुसार ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’ नाम के भारतीय टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और जल्द भारत पहुंच सकते हैं.

3. कई भारतीय नाविकों की जान जा चुकी

संघर्ष के दौरान जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत की खबर भी सामने आई है.

4. सरकार लगातार कर रही बातचीत

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत सरकार के अधिकारी ईरान के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके.

5. नौसेना की मदद से सुरक्षित मार्ग की तैयारी

जरूरत पड़ने पर भारतीय नौसेना जहाजों को सुरक्षा देते हुए बाहर निकाल सकती है. इसके लिए एस्कॉर्ट मिशन की योजना भी तैयार की जा रही है.

6. 24 जहाज पश्चिमी हिस्से में, 4 पूर्वी हिस्से में

जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार, 24 भारतीय झंडे वाले जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं. 4 जहाज पूर्वी हिस्से में हैं, जिन पर 101 भारतीय नाविक मौजूद हैं.

7. कई दिनों तक जहाजों को अनुमति नहीं

सूत्रों का कहना है कि पिछले चार-पांच दिनों तक ईरान ने किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज को होर्मुज पार करने की अनुमति नहीं दी थी.

8. एक विदेशी टैंकर भारत पहुंचा

सऊदी तेल लेकर आने वाला ‘शेनलोंग’ नाम का टैंकर, जो लाइबेरिया के झंडे वाला है, होर्मुज पार करके मुंबई पहुंचा. संघर्ष शुरू होने के बाद यह भारत पहुंचने वाला पहला टैंकर माना जा रहा है.

9. ईरान में करीब 9000 भारतीय मौजूद

ईरान में अभी भी लगभग 9,000 भारतीय नागरिक हैं. इनमें छात्र, नाविक, व्यापारी और तीर्थयात्री शामिल हैं.

10. नागरिकों को निकालने का प्लान तैयार

सरकार ने भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते वापसी की योजना बनाई है. कई छात्रों और तीर्थयात्रियों को पहले ही तेहरान से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

भारत के लिए क्यों अहम है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस परिवहन का मुख्य रास्ता है. भारत अपनी जरूरत का करीब 85% तेल आयात करता है, इसलिए इस मार्ग में किसी भी बाधा का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है.

पीएम मोदी ने भी की बातचीत

स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत की है. सरकार ने साफ कहा है कि भारतीय नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे, चाहे वह कूटनीतिक बातचीत हो या नौसेना की मदद.

ये भी पढ़ें- अमेरिका का KC-135 एयरक्राफ्ट इराक में क्रैश, ईरान के साथ जंग में ट्रंप को बड़ा झटका, कितना हुआ नुकसान?