PM Kisan 22nd Installment: किसान परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (13 मार्च) को असम के गुवाहाटी से एक रिमोट का बटन दबाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 22वीं किस्त जारी की. इस किस्त के तहत देशभर के लगभग 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में कुल 18,640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई है. इस योजना के तहत किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता का यह एक और बड़ा कदम है.
पीएम किसान योजना का अब तक का सफर
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी और इसके बाद से किसानों को लगातार आर्थिक सहायता मिल रही है. योजना के तहत अब तक कुल 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि एलिजिबल किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है. 21वीं किस्त तक 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी थी, और अब 22वीं किस्त के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 4.27 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है.
कैसे चेक करें?
अगर आप भी पीएम किसान योजना के तहत आर्थिक सहायता का लाभ लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको यह चेक करना होगा कि आपका नाम बेनिफिशियरी लिस्ट में है या नहीं. इसके लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और 'Beneficiary List' के विकल्प पर क्लिक करें. इसके बाद, आपको राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव की जानकारी भरनी होगी. इसके बाद 'Get Report' पर क्लिक करने पर आपके गांव के सभी लाभार्थियों की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी. अगर आपकी जानकारी इस लिस्ट में है, तो आप योजना की किस्त पाने के पात्र हो सकते हैं.
आपके खाते में किस्त आई है या नहीं
किसान यह भी जान सकते हैं कि उनके खाते में पीएम किसान की किस्त आई है या नहीं. इसके लिए पीएम किसान पोर्टल पर जाएं और 'Beneficiary Status' पर क्लिक करें. अब आपको अपना आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. इसके बाद 'Get Data' पर क्लिक करें, और आपकी किस्त का स्टेटस स्क्रीन पर दिख जाएगा.
पीएम किसान योजना का उद्देश्य और लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को सीधे आर्थिक मदद पहुंचाना है. इस योजना के तहत प्रत्येक योग्य किसान परिवार को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है, जो तीन बराबर किस्तों (प्रत्येक 2,000 रुपये) में उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है. इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान के पास आधार से जुड़ा बैंक खाता और जमीन का रिकॉर्ड होना जरूरी है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से यह राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके.
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