तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने इस बार ईद के मौके पर एक अजीब दुआ मांगी है. उन्होंने अल्लाह से इजरायल को नष्ट करने की प्रार्थना की है. गाजा पर इजरायल के हमलों के बाद से ही एर्दोगन लगातार इजरायल के खिलाफ कड़ी टिप्पणियां कर रहे थे, लेकिन ईद के इस पवित्र मौके पर उनका यह बयान कई लोगों के लिए हैरान करने वाला था. उन्होंने इजरायल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, "हम देख रहे हैं कि फिलिस्तीन में क्या हो रहा है. अल्लाह अपने पवित्र नाम पर ज़ायोनी देश इजरायल को नष्ट कर दे. हमें यह देखना चाहिए कि वहां क्या हो रहा है और इसलिए हमें एकजुट होना चाहिए, मजबूत होना चाहिए और भाईचारा बनाए रखना चाहिए. अल्लाह हमेशा हमारी एकता को मजबूत करे." एर्दोगन ने यह बयान रमजान के अंत में ईद-उल-फितर के अवसर पर एक मस्जिद का दौरा करने के बाद दिया था.
तुर्की में बड़े प्रदर्शन
Ynet news.com की रिपोर्ट के अनुसार, तेल अवीव विश्वविद्यालय के दयान केंद्र के तुर्की विशेषज्ञ डॉ. हे एयटन कोहेन यानारोकक ने एर्दोगन के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "जहां तक मुझे याद है, यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा कुछ कहा है, लेकिन यह चौंकाने वाला है. तुर्की के पास एक ऐसा राष्ट्रपति है जो स्पष्ट रूप से इजरायल के विनाश का आह्वान कर रहा है." उन्होंने यह भी कहा, "हालांकि, वह इसे अल्लाह के नाम पर एक इच्छा के रूप में पेश कर रहे हैं, न कि खुद ऐसा करने के रूप में."
यह टिप्पणी उस समय आई है जब अंकारा के मेयर की गिरफ्तारी के बाद तुर्की में बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं. यह माना जा रहा है कि एर्दोगन इस्लाम के नाम पर अपने समर्थकों को एकजुट करने के लिए ऐसा कर रहे हैं. डॉ. हे एयटन कोहेन यानारोकक ने इस बारे में भी बात की कि एर्दोगन ने यह शब्द क्यों चुने. उन्होंने कहा, "अल्लाह के 100 नामों में से एक 'अल-कहर' है, जिसका मतलब है 'विनाशक'. एर्दोगन निश्चित तौर पर यही कह रहे हैं और अल्लाह शब्द का उपयोग करने के बजाय उन्होंने 'अल-कहर' की बात की है, जो स्पष्ट रूप से इजरायल के विनाश की कामना करने का संकेत है."
एर्दोगन ने इजरायल को कहा था "आतंकवादी राज्य"
तुर्की में एर्दोगन के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं, और अब उनसे सवाल किया जा रहा है कि गाजा के लिए उन्होंने अब तक क्या किया है सिवाय बयानबाजी के? इस महीने की शुरुआत में इजरायल ने फिर से गाजा में सैन्य अभियान शुरू किया था, और एर्दोगन ने इजरायल को "आतंकवादी राज्य" करार दिया था. हालांकि गाजा की मदद के नाम पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, "तुर्की युद्धविराम बनाए रखने के लिए राजनयिक प्रयासों का समर्थन करता है."
एर्दोगन इससे पहले भी इजरायल की तुलना नाजी शासन से कर चुके हैं. उन्होंने कहा था, "वे पहले ही हिटलर से आगे निकल चुके हैं. जो लोग इजरायल की सहानुभूति पाने के लिए हमास को आतंकवादी संगठन कहते रहते हैं, उनके खिलाफ हम हर परिस्थिति में स्वतंत्रता के लिए फिलिस्तीनी संघर्ष का समर्थन करना जारी रखेंगे और साहसपूर्वक इसका बचाव करेंगे. हो सकता है कि हम जो कुछ भी कर रहे हैं, उसकी घोषणा न कर सकें, लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि फिलिस्तीन के प्रति हमारी संवेदनशीलता को कम करके नहीं आंका जा सकता है."
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