भारत और यूएई के बीच मजबूत दोस्ती का एक और उदाहरण सामने आया है. ईद से पहले 500 भारतीय परिवारों के लिए अबू धाबी से एक खुशखबरी आई है. यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान ने रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत से पहले 500 भारतीयों की सजा माफ करने का फैसला लिया है.
1,295 कैदियों को रिहा करने का आदेश
रमजान के पवित्र महीने से पहले, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान ने 1,295 कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया है. वहीं, प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने 1,518 कैदियों को माफ कर दिया है. यह फैसला रमजान की भावना को ध्यान में रखते हुए दया और सुलह के दृष्टिकोण से लिया गया है. इस फैसले में 500 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को रिहा किया गया है, जो भारत और यूएई के बीच मजबूत रिश्तों का उदाहरण है और इससे यूएई के न्याय और कूटनीतिक दृष्टिकोण का भी पता चलता है.
भारतीय दूतावास ने इस फैसले का स्वागत किया
यूएई सरकार का यह कदम उन भारतीय परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जिनके सदस्य यूएई की जेलों में सजा काट रहे थे. भारतीय दूतावास ने इस फैसले का स्वागत किया और यूएई सरकार का आभार प्रकट किया. यह कदम दोनों देशों के अच्छे रिश्तों का नतीजा है.
हर साल रमजान से पहले यूएई सरकार मानवीय आधार पर कैदियों की सजा माफ करती है. इस साल भी राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद ने 500 भारतीयों की सजा माफ की, जिससे वे अब ईद के मौके पर अपनी घरों में खुशी से त्योहार मना सकेंगे. यह निर्णय दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करता है और परिवारों के लिए खुशी लेकर आता है.
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