राजस्थान में केमिकल फैक्ट्री में नाइट्रेट गैस लीक होने से मालिक की मौत, 60 से ज्यादा लोग बेहोश

राजस्थान के ब्यावर में एक एसिड फैक्ट्री से नाइट्रोजन गैस के रिसाव की भयावह घटना सामने आई है. इस हादसे में फैक्ट्री के मालिक सुनील सिंघल की जान चली गई, जबकि 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं.

Nitrate gas leak in a chemical factory in Rajasthan kills owner more than 60 people fall unconscious
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- Internet

राजस्थान के ब्यावर में एक एसिड फैक्ट्री से नाइट्रोजन गैस के रिसाव की भयावह घटना सामने आई है. इस हादसे में फैक्ट्री के मालिक सुनील सिंघल की जान चली गई, जबकि 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं.

कैसे हुआ हादसा?

सोमवार रात करीब 10 बजे, ब्यावर थाना क्षेत्र के बाड़िया इलाके में स्थित सुनील ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम में खड़े टैंकर से अचानक नाइट्रोजन गैस का रिसाव शुरू हो गया. गैस तेजी से फैलते हुए आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई, जिससे वहां रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याएं होने लगीं.

प्रभाव और प्रशासन की कार्रवाई

  • गैस रिसाव की चपेट में आकर 60 से अधिक लोग बेहोश हो गए और उन्हें तुरंत ब्यावर के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
  • घटना के दौरान कई पालतू और आवारा जानवरों की भी मौत हो गई.
  • प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रात 11 बजे तक गैस के रिसाव को नियंत्रित कर लिया.
  • सुरक्षा के मद्देनजर फैक्ट्री के आसपास के इलाके को खाली करवाया गया.

फैक्ट्री मालिक की मौत

गैस रिसाव को नियंत्रित करने के प्रयास में फैक्ट्री के मालिक सुनील सिंघल खुद भी प्रभावित हो गए. उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अजमेर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.

प्रशासन की सख्ती

कलेक्टर डॉ. महेंद्र खडगावत ने फैक्ट्री को सीज करने के आदेश दिए हैं. पुलिस को मामले की गहराई से जांच करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

लिक्विड नाइट्रोजन के खतरें

विशेषज्ञों के अनुसार, लिक्विड नाइट्रोजन अत्यधिक ठंडा (-196°C) होता है, जो रूम टेम्परेचर पर गैस में बदल जाता है.

  • इसका संपर्क त्वचा से होने पर फ्रॉस्टबाइट और कोल्ड बर्न का खतरा होता है.
  • सांस या भोजन में इसके प्रवेश से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जो जानलेवा भी साबित हो सकती हैं.

स्थिति नियंत्रण में, लेकिन दहशत बरकरार

फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य जारी है. हालांकि गैस का असर अब कम हो गया है, लेकिन क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है.

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