इस बार "झुकेगा नहीं" के मूड में जेलेंस्की, पूरा कुनबा लेकर व्हाइट हाउस पहुंचे, ट्रंप की बढ़ी टेंशन!

Zelensky Trump Meet: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में होने वाली मुलाकात ने कूटनीतिक हलचल तेज़ कर दी है. वजह साफ है, 28 फरवरी की वह घटना, जब पूरे अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने जेलेंस्की को व्हाइट हाउस में अपमानित होकर लौटना पड़ा था.

Zelenskyy will not bow down reached the White House with Trump tension increased
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Zelensky Trump Meet: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में होने वाली मुलाकात ने कूटनीतिक हलचल तेज़ कर दी है. वजह साफ है, 28 फरवरी की वह घटना, जब पूरे अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने जेलेंस्की को व्हाइट हाउस में अपमानित होकर लौटना पड़ा था. उस समय ट्रंप ने न सिर्फ उनकी पोशाक और कूटनीतिक शैली पर टिप्पणी की, बल्कि बीच बैठक में उन्हें अचानक बाहर जाने के लिए भी कह दिया था. कई विशेषज्ञों ने इसे आधुनिक कूटनीति का सबसे अपमानजनक क्षण बताया था.

लेकिन इस बार तस्वीर अलग है. जेलेंस्की व्हाइट हाउस अकेले नहीं जा रहे हैं. उनके साथ यूरोप की सबसे बड़ी राजनीतिक और कूटनीतिक ताक़तें मौजूद होंगी—ताकि फरवरी जैसी बेइज्जती दोबारा न हो और अमेरिका पर एकजुट दबाव बनाया जा सके.

पुतिन-ट्रंप शिखर वार्ता के बाद अहम बैठक

यह मुलाकात ऐसे वक्त हो रही है, जब 15 अगस्त को अलास्का में ट्रंप और पुतिन के बीच लंबी बैठक ने भू-राजनीतिक समीकरण हिला दिए हैं. अब जेलेंस्की और यूरोपीय नेता ट्रंप के सामने बैठकर रूस के उस प्रस्ताव पर चर्चा करने जा रहे हैं, जिसमें युद्ध समाप्त करने के बदले डोनेत्स्क और लुहांस्क पर कब्ज़े की मांग रखी गई है.

कौन-कौन जेलेंस्की के साथ?

इस बार ज़ेलेंस्की ने यूरोप की पूरी टीम को साथ लाने का फैसला किया है. इस टीम उनके साथ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और नाटो महासचिव मार्क रूट शामिल हैं.  यह पूरी टीम आज ओवल ऑफिस में मौजूद रहेगी, ताकि ज़ेलेंस्की को अकेला महसूस न करना पड़े और ट्रंप पर यूरोपीय दबाव साफ झलके.

फरवरी की बेइज्जती से बचाने की रणनीति

फ्रांसीसी जनरल डोमिनिक ट्रिनक्वांड के शब्दों में "यूरोपीय नेता जेलेंस्की के साथ सिर्फ एकजुटता दिखाने के लिए नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए जा रहे हैं कि फरवरी जैसी घटना दोबारा न हो." यूरोप की यह ताक़तवर उपस्थिति व्हाइट हाउस में एक स्पष्ट संदेश देती है कि ट्रंप, चाहे रूस से कितने ही करीब क्यों न हों, यूरोप और यूक्रेन को मजबूर करके समझौते की राह पर नहीं धकेल सकते.

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