Assam Assembly Elections 2026: असम में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है. सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सीटों के बंटवारे को लेकर लगभग अंतिम सहमति बना ली है, जो इस बार के चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बनाने वाली है. बदलते समीकरणों और रणनीतिक संतुलन के बीच यह साफ हो गया है कि भाजपा गठबंधन में अपनी प्रमुख भूमिका को बरकरार रखते हुए चुनावी मैदान में उतरने जा रही है.
सीट शेयरिंग का गणित
सूत्रों के मुताबिक, 126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा इस बार 89 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. वहीं उसके सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) को 26 सीटें और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) को 11 सीटें मिलने की संभावना है. इस तरह सहयोगी दलों को कुल 37 सीटें दी जा रही हैं, जो गठबंधन की संतुलित रणनीति को दर्शाता है. चुनाव 9 अप्रैल 2026 को होने हैं और सभी दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. उम्मीदवारों के चयन से लेकर प्रचार रणनीति तक हर स्तर पर तेजी से काम चल रहा है.
गठबंधन पूरी तरह तैयार
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 17 मार्च को साफ कर दिया था कि भाजपा 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी सीटें सहयोगियों को दी जाएंगी. उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे पर बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द ही गठबंधन पूरी रणनीति के साथ मैदान में होगा. उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि एनडीए इस चुनाव में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता और पूरी तैयारी के साथ जीत दोहराने की कोशिश में है.
संभावित उम्मीदवार और राजनीतिक संकेत
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि प्रद्युत बोरदोलोई दिसपुर सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं. यदि ऐसा होता है, तो यह एक बड़ा राजनीतिक संकेत होगा, क्योंकि इससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं. दिसपुर सीट हमेशा से ही अहम मानी जाती रही है, और यहां से किसे टिकट मिलता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
2021 की सफलता से मिली सीख
पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा था. भाजपा ने 92 सीटों पर चुनाव लड़कर 60 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि एजीपी को 9 सीटें मिली थीं. गठबंधन ने कुल 75 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी. यह जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि यह पहली बार था जब किसी गैर-कांग्रेस गठबंधन ने असम में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई. इस सफलता ने एनडीए को राज्य में एक स्थिर और प्रभावी राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया.
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