Baloch Protest in Islamabad: इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब के बाहर बलूच परिवारों का संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार 33वें दिन भी बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) के बैनर तले प्रदर्शन जारी रहा. धरने में बैठे परिवारों की मांग सीधी है, BYC नेताओं की तुरंत रिहाई और बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगियों का अंत.
BYC ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि "असहनीय गर्मी और भारी पुलिस बल के दबाव" के बावजूद परिवार डटे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक महीने से अधिक समय से उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है, कभी आश्रय से वंचित कर, कभी रास्ते बंद करके, तो कभी पुलिस का पहरा बढ़ाकर. लेकिन इसके बावजूद विरोध का जज़्बा और मजबूत हुआ है.
छात्र सलमान बलूच की गुमशुदगी
इसी बीच एक और घटना ने आक्रोश को और गहरा कर दिया है. क्वेटा के 17 वर्षीय छात्र सलमान बलूच को 17 अगस्त की शाम सुरक्षा बलों द्वारा जबरन उठा ले जाने का आरोप सामने आया है. बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग (पांक) ने इस घटना की निंदा करते हुए सलमान की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की.
मस्तुंग से भी उठा लिए गए लोग
पांक ने यह भी खुलासा किया कि मस्तुंग जिले के किल्ली खुअसम निवासी मुहम्मद अजीम को भी 5 अगस्त को उसके घर से उठा लिया गया था. संस्था ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह बलूचिस्तान में हो रहे इन कथित “मानवता-विरोधी अपराधों” को तुरंत रोके और गुमशुदा लोगों को सुरक्षित रिहा करे.
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