ईरान पर परमाणु बम गिराएंगे ट्रंप? अमेरिका के 'तेवर' के सामने झुकने को तैयार नहीं खामेनेई, युद्ध के आसार!

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव की मुख्य वजह ईरान का परमाणु बम कार्यक्रम और हूती विद्रोही हैं. इस सैन्‍य तैयारियों के बीच, ईरान ने धमकी दी है कि वह डियागो गार्सिया को तबाह कर देगा.

Will Trump drop nuclear bomb on Iran Khamenei not ready to bow down to America
ट्रंप-खामेनेई | Photo: ANI

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बनते दिखाई दे रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर को फारस की खाड़ी में भेज दिया है और अपने बी-2 परमाणु बॉम्‍बर्स का एक तिहाई हिस्सा हिंद महासागर के डियागो गार्सिया एयरबेस पर तैनात कर दिया है. इन बॉम्‍बर्स ने यमन में हमले भी शुरू कर दिए हैं. इसके अलावा, इजरायल की सेना भी ईरान पर हमले की तैयारी में है.

डियागो गार्सिया को तबाह कर देगा ईरान?

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव की मुख्य वजह ईरान का परमाणु बम कार्यक्रम और हूती विद्रोही हैं. इस सैन्‍य तैयारियों के बीच, ईरान ने धमकी दी है कि वह डियागो गार्सिया को तबाह कर देगा. ईरान ने अपनी लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों का प्रदर्शन भी किया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध शुरू होता है तो यह जल्द ही एक परमाणु युद्ध में बदल सकता है.

ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया है, जिससे अमेरिका और इजरायल दोनों चिंतित हैं. इजरायल मानता है कि ईरान का परमाणु बम उसके अस्तित्व के लिए खतरा है. इंटरनेशनल परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को 2015 के परमाणु समझौते के तहत तय सीमा से ज्यादा बढ़ा रहा है और वह यूरेनियम को 60% तक समृद्ध कर चुका है, जो परमाणु बम बनाने के बहुत करीब है. हालांकि, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन सऊदी अरब और इजरायल जैसे देश इसे खतरनाक मानते हैं.

डियागो गार्सिया द्वीप पर B-2 बॉम्बर्स भेजे

अमेरिका ने ईरान को धमकी दी है कि अगर वह परमाणु वार्ता के लिए तैयार नहीं होता तो उस पर हमला किया जा सकता है. इसके साथ ही अमेरिका ने हिंद महासागर में डियागो गार्सिया द्वीप पर B-2 बॉम्बर्स भेजे हैं, जो स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस हैं और भारी बम गिरा सकते हैं. ईरान के पास ऐसे एयर डिफेंस सिस्टम नहीं हैं जो इन बॉम्बर्स को रोक सकें. हालांकि, ईरान के पास इतनी बैलिस्टिक मिसाइलें हैं कि वह इजरायल को नुकसान पहुंचा सकता है.

ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई जगहों पर चल रहा है, जिसमें नतांज, फोर्डो, इस्फहान, खोंडाब और बुशेहर प्रमुख स्थान हैं. ईरान अब 60% तक यूरेनियम समृद्ध कर रहा है, जबकि परमाणु बम बनाने के लिए 90% समृद्ध यूरेनियम की जरूरत होती है. इसके अलावा, ईरान के पास पर्याप्त सामग्री है, जिससे वह कम से कम 6 परमाणु बम बना सकता है.

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