मिडिल ईस्ट में जंग शुरू! ईरान ने इस देश पर बरसाए ड्रोन, इन ठिकानों को बनाया निशाना

Iran Drone Attack: अमेरिका के रातभर किए गए हवाई हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. शनिवार को ईरान ने बहरीन की ओर ड्रोन हमला किया. इसी दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर पर भी हमला हुआ.

War erupts in the Middle East Iran unleashes a barrage of drones on Bahrain targeting US bases
Image Source: Social Media

Iran Drone Attack: अमेरिका के रातभर किए गए हवाई हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. शनिवार को ईरान ने बहरीन की ओर ड्रोन हमला किया. इसी दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर पर भी हमला हुआ. 

माना जा रहा है कि यह कार्रवाई अमेरिका की एयरस्ट्राइक के जवाब में की गई है. हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन इन नए हमलों ने हालात फिर से बिगाड़ दिए हैं.

अमेरिका के हमले के बाद ईरान का जवाब

अमेरिका ने गुरुवार को ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में कई हवाई हमले किए थे. इसके बाद ईरान ने बहरीन को निशाना बनाया. साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर भी हमला होने की खबर सामने आई. इन घटनाओं से साफ है कि दोनों देशों के बीच बना युद्धविराम अभी भी काफी कमजोर स्थिति में है.

बहरीन ने हमले की निंदा की

बहरीन ने कहा कि ईरान की तरफ से कई ड्रोन उसके इलाके की ओर भेजे गए थे. विदेश मंत्रालय ने इसे देश की सुरक्षा और लोगों के लिए बड़ा खतरा बताया. बहरीन लंबे समय से ईरान की नीतियों का विरोध करता रहा है. यही नहीं, यहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय भी मौजूद है.

हाल ही में बहरीन में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी. इस बैठक में ईरान के हमलों को रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित रखने की मांग की गई थी.

IRGC ने किया जवाबी कार्रवाई का दावा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. हालांकि उसने यह नहीं बताया कि हमला किन जगहों पर किया गया.

होर्मुज में जहाज पर हमला

ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ. राहत की बात यह रही कि जहाज का पूरा चालक दल सुरक्षित है. अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक ईरान पर जताया जा रहा है.

समुद्री रास्ते पर बढ़ाई गई सुरक्षा

हमले के बाद अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाले जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने ओमान के पास समुद्री रास्ते का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. इसका मकसद जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित और आसान बनाना है.

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है. दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है. ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियम मानने होंगे. 

उसने यह भी कहा है कि वह जहाजों से शुल्क वसूल सकता है. हालांकि अमेरिका और खाड़ी देशों ने इस मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस इलाके में जहाजों के लिए खतरा अभी भी बना हुआ है.

ये भी पढ़ें- मुंबई: मुहर्रम जुलूस में बड़ी साजिश नाकाम, जहर वाले 14,900 चूहेमार कैप्सूल जब्त, पुलिस ने क्या बताया?