बांग्लादेश में फिर भड़कने वाली है हिंसा! अमेरिकी दूतावास के इस पोस्ट ने मचाई हलचल, जानें पूरा मामला

US Warns Citizens: बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव से पहले माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है. इसी बीच अमेरिका ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान अशांति और हिंसा की आशंका जताई है.

Violence is going to flare up again in Bangladesh This post of American Embassy created a stir
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US Warns Citizens: बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव से पहले माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है. इसी बीच अमेरिका ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान अशांति और हिंसा की आशंका जताई है. ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने बांग्लादेश में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए एक चेतावनी संदेश जारी करते हुए सतर्क रहने की अपील की है. दूतावास का कहना है कि चुनाव से पहले और चुनाव के दिन हालात बिगड़ सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है.

बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं और उसी दिन जुलाई चार्टर को लेकर एक रेफरेंडम भी प्रस्तावित है. चुनाव की तारीख घोषित होते ही देश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. कई इलाकों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं और छिटपुट हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं. जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, विरोध की तीव्रता बढ़ती जा रही है और कई बार ये आंदोलन हिंसक रूप ले लेते हैं.

माइनॉरिटी पर हमलों के आरोपों से और बिगड़े हालात

चुनावी माहौल के बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार के आरोपों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है. माइनॉरिटी समुदाय के कई लोगों की हत्या को लेकर देश में गुस्सा और असंतोष देखा जा रहा है. इन्हीं हालात को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने बांग्लादेश में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है. अमेरिका का मानना है कि मौजूदा हालात में खतरे की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

चुनाव के दौरान हिंसा की आशंका, धार्मिक स्थलों पर भी खतरा

ढाका में अमेरिकी दूतावास ने आगाह किया है कि चुनाव के दौरान हिंसक या कट्टरपंथी हमले हो सकते हैं. चेतावनी में कहा गया है कि बदमाश धार्मिक स्थलों को भी निशाना बना सकते हैं. शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अचानक उग्र हो जाने का खतरा भी बना हुआ है. ऐसे में अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की भीड़, रैली या प्रदर्शन से दूरी बनाए रखें और अनावश्यक आवाजाही से बचें.

चुनावी प्रतिबंधों का असर, दूतावास की सेवाएं सीमित

बांग्लादेश सरकार ने चुनाव को देखते हुए सुरक्षा कड़े कर दिए हैं. 10 फरवरी से पूरे देश में मोटरसाइकिल चलाने पर रोक लगाई गई है. इसके अलावा 11 और 12 फरवरी को सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा. इन प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए ढाका में अमेरिकी दूतावास ने यह भी साफ किया है कि इस दौरान वह अमेरिकी नागरिकों को सीमित सेवाएं ही उपलब्ध करा पाएगा.

अमेरिकी नागरिकों को क्या रखने की सलाह दी गई है ध्यान में

अमेरिकी प्रशासन ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे अपने आसपास के माहौल पर लगातार नजर रखें और स्थानीय मीडिया में आ रही खबरों को गंभीरता से फॉलो करें. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मोबाइल फोन हमेशा चार्ज रखने और संपर्क में रहने की सलाह दी गई है. इसके अलावा यात्रा से जुड़े रास्तों और विकल्पों की पहले से समीक्षा करने को भी कहा गया है, ताकि हालात बिगड़ने पर सुरक्षित विकल्प मौजूद हों.

बांग्लादेश में चुनावी हिंसा का पुराना इतिहास

बांग्लादेश में चुनावों के दौरान हिंसा कोई नई बात नहीं है. पिछले पांच संसदीय चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि चुनाव से जुड़ी हिंसा में कम से कम 165 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 3,657 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. मौजूदा हालात में यह डर और गहरा हो गया है. चुनाव की घोषणा के महज 24 घंटे के भीतर संभावित उम्मीदवार और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद से अशांति की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

माइनॉरिटी की भागीदारी पर सवाल

बांग्लादेश हिंदू बुद्धिस्ट क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने आशंका जताई है कि मौजूदा हालात को देखते हुए 12 फरवरी के चुनाव में माइनॉरिटी समुदाय की भागीदारी प्रभावित हो सकती है. संगठन का कहना है कि डर और असुरक्षा का माहौल अल्पसंख्यकों को मतदान से दूर कर सकता है.

यूनुस सरकार पर उठते सवाल और जवाब

मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के पिछले डेढ़ साल के कार्यकाल में माइनॉरिटी पर हमलों को लेकर लगातार आरोप लगते रहे हैं. इन घटनाओं ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. हालांकि यूनुस सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अधिकांश घटनाओं के पीछे राजनीतिक कारण हैं और इन्हें सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.

चुनाव से पहले बढ़ी बेचैनी, दुनिया की नजरें बांग्लादेश पर

जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, बांग्लादेश में अनिश्चितता और बेचैनी बढ़ती जा रही है. अमेरिका की चेतावनी इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है. आने वाले दिन यह तय करेंगे कि बांग्लादेश शांतिपूर्ण चुनाव की ओर बढ़ता है या एक बार फिर हिंसा और अस्थिरता सुर्खियों में आती है.

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