Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण की वो 10 बड़ी घोषणाएं, जो बदल देंगी भारत की तस्वीर!

Budget 2026 Highlights: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.

Budget 2026 10 big things Finance Minister Nirmala Sitharaman budget speech that will change the face of India
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Budget 2026 Highlights: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. इस बजट में जहां एक ओर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए गए, वहीं दूसरी ओर, कई क्षेत्रीय और वित्तीय सुधारों की दिशा में भी घोषणाएं की गई हैं. इस बार का बजट ऐसे ऐलानों से भरा हुआ है, जो न केवल देश की विकास दर को गति देंगे, बल्कि भारत को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकते हैं.

वित्त मंत्री के भाषण ने भारतीय जनता के लिए कई आशाजनक पहलें प्रस्तुत की हैं, जिनका असर आने वाले वर्षों में महसूस किया जाएगा. आइए जानते हैं कि इस बजट में वित्त मंत्री ने कौन से 10 महत्वपूर्ण ऐलान किए हैं, जो देश की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर को बदल सकते हैं.

1. कैपेक्स में इजाफा

सरकारी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को लेकर वित्त मंत्री ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. आगामी वित्त वर्ष 2027 के लिए यह राशि 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. यह कदम सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को और गति देगा. विशेषकर हाई-स्पीड रेल, सड़कों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में इसका इस्तेमाल होगा. इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और देश का समग्र विकास गति पकड़ सकेगा.

2. सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

वित्त मंत्री ने भारत के परिवहन क्षेत्र को और सशक्त करने के लिए सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है. यह रेल कॉरिडोर पर्यावरण के अनुकूल और तेज़ यात्री यात्रा को बढ़ावा देंगे. इन कॉरिडोर्स का निर्माण मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी तक किया जाएगा. इन रेल मार्गों के चालू होने से देश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा में तेजी आएगी, ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और इससे संबंधित क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.

3. बॉन्ड बाजारों को मजबूत करने के उपाय

भारत के कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को और मजबूत बनाने के लिए वित्त मंत्री ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया. उन्होंने कॉर्पोरेट बॉन्ड इंडेक्स पर फंड और डेरिवेटिव तक पहुंच के साथ एक मार्केट-मेकिंग फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा है. इससे कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा, जिससे कंपनियां पूंजी जुटाने के लिए एक मजबूत मंच पाएंगी और निवेशकों को भी बेहतर रिटर्न का अवसर मिलेगा. इस कदम से भारत में निवेश वातावरण और भी आकर्षक बनेगा.

4. निमहंस 2.0 की स्थापना

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए वित्त मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है. उन्होंने उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता को पूरा करने के लिए "निमहंस 2.0" की स्थापना का प्रस्ताव रखा. यह संस्थान मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा और हर नागरिक तक इन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगा. इसके माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में सुधार होगा और मानसिक रोगियों के लिए बेहतर उपचार व्यवस्था तैयार की जाएगी.

5. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज

वित्त मंत्री ने मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में कंटेंट लैब स्थापित करने के लिए सहायता देने का प्रस्ताव किया है. इस कदम से छात्रों को रचनात्मक और तकनीकी कौशल के विकास का अवसर मिलेगा, जो भविष्य में रोजगार के लिए उन्हें तैयार करेगा. इस पहल से देश में नई तकनीकों, डिजिटल कंटेंट और रचनात्मकता के क्षेत्र में क्षमता बढ़ेगी, जो पूरी दुनिया में भारतीय छात्रों को प्रतिस्पर्धी बनाएगी.

6. विकसित भारत के लक्ष्य के लिए बैंकिंग पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने "विकसित भारत" के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव किया. यह समिति भारतीय बैंकिंग प्रणाली की संरचना की समीक्षा करेगी और भारतीय अर्थव्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाने के लिए आवश्यक सुधारों का सुझाव देगी. समिति यह सुनिश्चित करेगी कि बैंकिंग प्रणाली अधिक पारदर्शी और कुशल हो, ताकि देश की आर्थिक प्रगति को गति मिले.

7. NRIs की निवेश सीमा में वृद्धि

भारत में एनआरआई (नॉन-रेजिडेंट इंडियंस) का निवेश सीमा बढ़ाने की घोषणा की गई है. एनआरआई की निवेश सीमा को 5% से बढ़ाकर 10% और कुल निवेश सीमा को 10% से बढ़ाकर 24% कर दिया गया है. यह कदम विदेशी निवेशकों को आकर्षित करेगा और देश में पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देगा. इससे भारत के लिए दीर्घकालिक विदेशी निधियों तक पहुंच में सुधार होगा, जो भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत होगा.

8. राजकोषीय सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए राजकोषीय घाटे का बजट अनुमान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.3% रखने का प्रस्ताव किया है, जबकि 2026 के लिए यह संशोधित अनुमान 4.4% था. वित्त मंत्री ने यह सुनिश्चित करने की बात की है कि राजकोषीय स्थिति स्थिर रहे, ताकि सरकार विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधनों का सही तरीके से उपयोग कर सके. यह कदम सरकार के वित्तीय प्रबंधन को सुधारने और निवेशकों का विश्वास बढ़ाने में मदद करेगा.

9. आत्मनिर्भर भारत फंड

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अधिक समर्थन देने के लिए सरकार ने "आत्मनिर्भर भारत कोष" में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि डालने का प्रस्ताव रखा है. यह फंड MSMEs को सशक्त बनाएगा, ताकि वे अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकें और अपनी कार्यक्षमता बढ़ा सकें. इस फंड से छोटे व्यवसायों को विकास के लिए आवश्यक पूंजी मिल सकेगी, जो उनकी उत्पादकता बढ़ाने और भारतीय अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को सुधारने में सहायक होगा.

10. एसएमई फंड का ऐलान

सरकार ने लघु और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एक विशेष फंड स्थापित करने का प्रस्ताव किया है. यह कदम एसएमई क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती देने और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है. इसके साथ ही, एक कंटेनर निर्माण योजना भी प्रस्तावित की गई है, जिससे भारतीय उद्योगों को निर्यात के लिए बेहतर अवसर मिल सकेंगे.

विकास के लिए एक नया मोड़ 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट 2026-27 भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है. इन घोषणाओं के माध्यम से सरकार न केवल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करेगी, बल्कि छोटे और मझोले उद्योगों को भी मजबूती देगी. हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से लेकर एसएमई फंड तक, हर कदम भारतीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने और भारतीय नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने में मदद करेगा. सरकार के इन ऐलानों से यह स्पष्ट हो जाता है कि भारत की आर्थिक यात्रा अब नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की दिशा में अग्रसर है, और आने वाले वर्षों में यह बजट देश को एक आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.

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