Education Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में देश का बजट 2026-2027 पेश किया. यह उनके करियर का 9वां बजट था, और इस बार शिक्षा और रोजगार क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया. वित्त मंत्री ने कहा कि देश का भविष्य शिक्षा और कौशल विकास पर निर्भर करेगा, और इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए सरकार ने कई नई योजनाओं का ऐलान किया है. इस बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए ऐलान की गई राशि और योजनाएं, देश के विकास की दिशा को एक नया मोड़ देने के लिए अहम साबित हो सकती हैं.
इस साल के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल 1,39,289 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. यह राशि आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं का उद्देश्य न केवल युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और कौशल देना है, बल्कि उनके लिए बेहतर रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित करना है.
शिक्षा क्षेत्र के लिए वित्त मंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण के दौरान शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. ये घोषणाएं देश में शैक्षिक ढांचे को और मजबूत करने और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए थीं. आइए, जानते हैं उन प्रमुख घोषणाओं के बारे में:
5 नए विश्वविद्यालय टाउनशिप की स्थापना
वित्त मंत्री ने 5 नए विश्वविद्यालय टाउनशिप बनाने की घोषणा की. यह कदम शिक्षा के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में उठाया गया है. इन टाउनशिप्स से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रहने, खाने और अन्य सुविधाओं की भी उपलब्धता होगी.
हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल
वित्त मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसके तहत हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा. इससे देशभर में महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा और खासकर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों से आने वाली छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी.
पशुओं के डॉक्टर बनाए जाने पर जोर
सरकार ने पशु चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए हैं. पशुओं के डॉक्टर तैयार करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी, जिससे किसानों और पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.
'एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज' स्टैंडिंग कमेटी
एक हाई-पावर्ड कमेटी बनाने का प्रस्ताव किया गया है जो शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के बीच तालमेल स्थापित करने के लिए उपाय सुझाएगी. इस कमेटी का उद्देश्य विकसित भारत के निर्माण में सर्विस सेक्टर को मुख्य ड्राइवर के तौर पर पहचान दिलाना है.
भारत को AI हब बनाने की योजना
सरकार ने घोषणा की है कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का हब बनाया जाएगा. इस दिशा में सरकार ने एआई, डेटा साइंस और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई हैं. इसके तहत विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और नए संस्थान खोले जाएंगे.
नई नौकरियां उत्पन्न करने की योजना
वित्त मंत्री ने रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं पर जोर दिया. इन योजनाओं का उद्देश्य नए रोजगार के अवसरों को उत्पन्न करना और युवाओं को इन अवसरों से जोड़ना है. इसके लिए विशेष रूप से कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जाएगा.
होटल मैनेजमेंट के लिए नया कैंपस
सरकार ने होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी नए कैंपस बनाने की योजना बनाई है. इससे पर्यटन और होटल उद्योग में नई नौकरियों का सृजन होगा और छात्रों को होटल और पर्यटन के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) की स्थापना
पूर्वी भारत में डिजाइन शिक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन' (NID) की स्थापना का ऐलान किया गया है. यह संस्थान न केवल डिजाइन क्षेत्र में छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करेगा.
एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए टेलीस्कोप सुविधाओं का विस्तार
भारत में एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी के अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को स्थापित या अपग्रेड किया जाएगा. इससे हमारे छात्रों और शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर रिसर्च और शिक्षा का अवसर मिलेगा.
क्या इस बजट से शिक्षा क्षेत्र में सुधार होगा?
वित्त मंत्री द्वारा किए गए ऐलानों से यह साफ हो रहा है कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में काम कर रही है. नए विश्वविद्यालय टाउनशिप, गर्ल्स हॉस्टल, कौशल विकास, और रोजगार सृजन जैसी योजनाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वह अपने सपनों को साकार कर सके. इसके अलावा, डिजाइन और होटल मैनेजमेंट जैसे नये क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एस्ट्रोनॉमी जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों पर फोकस किया जाना, देश के लिए एक बड़ी रणनीति हो सकती है.
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