Rail Budget 2026: लोकसभा में रविवार को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया गया. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बजट पेश किया, जो उनका लगातार 9वां बजट है. इस बजट में देश की अर्थव्यवस्था, मैन्यूफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं.
एक प्रमुख घोषणा में केंद्रीय वित्त मंत्री ने 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा है. इन रेल कॉरिडोर का उद्देश्य देशभर में यात्रा की गति को बढ़ाना और शहरों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है. यह कदम न सिर्फ यात्री यात्रा में सुधार लाएगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है.
7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
इन सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण से देश के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ने की योजना है. ये कॉरिडोर निम्नलिखित शहरों से होकर गुजरेंगे:
पुणे-मुंबई
पुणे-हैदराबाद
हैदराबाद-बेंगलुरु
हैदराबाद-चेन्नई
चेन्नई-बेंगलुरु
दिल्ली-वाराणसी
वाराणसी-सिलिगुड़ी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इन रेल कॉरिडोर का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल यात्री प्रणाली को बढ़ावा देना है और यह शहरों के बीच विकास को जोड़ने का काम करेंगे.
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव
बजट में एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई, जिसमें डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव दिया गया. वित्त मंत्री ने कहा कि यह फ्रेट कॉरिडोर पर्यावरण के लिए टिकाऊ कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देगा. इसके साथ ही, अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग भी खोले जाएंगे, जो विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को बंदरगाहों से जोड़ेंगे.
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय वित्त मंत्री ने टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को जारी रखने की बात की. 5 लाख से अधिक आबादी वाले इन शहरों में विकास कार्य तेज किए जाएंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी. इस बजट से न सिर्फ यात्री यात्रा में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, बल्कि देश की समग्र आर्थिक स्थिति में भी सुधार की संभावना है.
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