Gaming Industry India: भारत में डिजिटल इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विकास की गति को देखते हुए, सरकार ने 2026-27 के बजट में गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन सेक्टर को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन देने की घोषणा की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और डिजिटल उद्योग को विकसित भारत का सबसे बड़ा इंजन मानते हुए गेमिंग, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, और कॉमिक्स (AVGC) इंडस्ट्री को सशक्त बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं. यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने के लिए आवश्यक हो सकते हैं, खासकर युवा क्रिएटर्स और टेक्नोलॉजी में माहिर पेशेवरों के लिए.
वित्त मंत्री ने कहा कि अब भारत केवल टेक्नोलॉजी का उपयोग नहीं करेगा, बल्कि वह इस क्षेत्र में नेतृत्व भी करेगा. इसके लिए, सरकार ने गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री को संगठित समर्थन देने की योजना बनाई है, जिससे यह सेक्टर रोजगार, स्किल्स, और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन सके. इस कदम से न केवल युवाओं के लिए नए करियर विकल्प उत्पन्न होंगे, बल्कि यह भारतीय डिजिटल इकोसिस्टम को भी एक नई दिशा और ताकत देगा.
एवीजीसी (AVGC) सेक्टर को मिलेगा संगठित समर्थन
फाइनेंशियल वर्ष 2026-27 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणा की कि सरकार एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन करेगी. सरकार का उद्देश्य इस सेक्टर को रोजगार और कौशल विकास का एक नया केंद्र बनाना है, ताकि भारतीय युवा इस इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना सकें. इसके लिए 1500 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब बनाने की योजना है. इन लैब्स में छात्रों को एनीमेशन, गेम डिज़ाइन, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन की आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स प्राप्त होंगे, जिससे वे बेहतर तरीके से इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे.
इसके अलावा, इंडस्ट्री कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप भी बनाई जाएंगी, जहां क्रिएटिव और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त की जा सकेगी. यह पहल देशभर में इनोवेशन और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देगी और भारत को डिजिटल कंटेंट और गेमिंग के क्षेत्र में एक ग्लोबल हब बनाने की दिशा में मदद करेगी.
रोजगार के अवसरों में वृद्धि
सरकार का लक्ष्य है कि इस सेक्टर में कम से कम 10 लाख से अधिक प्रोफेशनल्स को रोजगार के अवसर मिलें. इसके लिए सरकार ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल लर्निंग पर जोर देगी ताकि युवाओं को इंडस्ट्री में काम करने के लिए सही स्किल्स मिल सकें. कंटेंट और गेम डेवलपमेंट को एक मजबूत करियर विकल्प बनाने के लिए भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं. इस पहल के तहत, छात्रों को उनके करियर की शुरुआत से ही गेमिंग, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में काम करने की क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे वे इस उद्योग में स्थिर रोजगार पा सकेंगे.
डिज़ाइन एजुकेशन में वृद्धि और नई शैक्षिक संस्थाओं की शुरुआत
सरकार ने डिज़ाइन एजुकेशन को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई है. इसके तहत, नए नेशनल डिज़ाइन स्कूल खोले जाएंगे, जो क्रिएटिव और टेक्निकल डिज़ाइन स्किल्स को संस्थागत समर्थन प्रदान करेंगे. इन संस्थाओं में छात्रों को आधुनिक डिज़ाइन थ्योरी, डिजिटल आर्ट्स, यूजर इंटरफेस डिज़ाइन, और गेम डिजाइनिंग जैसी प्रैक्टिकल स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी, जो उन्हें बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएगी.
यह पहल न केवल छात्रों के लिए नया ज्ञान और कौशल उपलब्ध कराएगी, बल्कि गेमिंग, एनीमेशन, और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री के विकास में भी सहायक होगी. इन नए डिज़ाइन स्कूलों के माध्यम से देश में उच्च गुणवत्ता वाले डिज़ाइनर्स की एक नई पीढ़ी तैयार होगी, जो वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन करेगी.
AI और डिजिटल तकनीकों का लाभ
बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई डिजिटल तकनीकों को कंटेंट और गेमिंग सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है. इन नई तकनीकों के इस्तेमाल से इस क्षेत्र में इनोवेशन की गति तेज होगी. इसके लिए, सरकार बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े निवेश की योजना बना रही है, ताकि ऑनलाइन कंटेंट और गेमिंग इकोसिस्टम को सशक्त किया जा सके. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बेहतर अनुभव देने के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकताएं पूरी की जाएंगी, जिससे यह क्षेत्र और भी ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगा.
इसके साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार आवश्यक टेक्निकल टूल्स और उपकरणों की उपलब्धता को अधिक सुलभ और किफायती बनाने का प्रयास करेगी. इससे डिजिटल और गेमिंग कंटेंट क्रिएटर्स के लिए तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता बढ़ेगी और उनकी लागत में भी कमी आएगी, जो इस उद्योग के विकास में सहायक होगा.
भारत को मिलेगा डिजिटल कंटेंट और गेमिंग क्षेत्र में नेतृत्व
भारत में गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है, और सरकार का उद्देश्य इस क्षेत्र को एक मजबूत और संगठित रूप में विकसित करना है. इस बजट से युवा भारतीय क्रिएटर्स के लिए न केवल नए अवसर खुलेंगे, बल्कि यह देश को वैश्विक स्तर पर गेमिंग और डिजिटल कंटेंट का हब बनाने में भी मदद करेगा. सरकार की इन योजनाओं से भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने का अवसर मिलेगा, और युवा क्रिएटर्स को अपनी कला और तकनीकी क्षमता को दिखाने का मंच मिलेगा.
ये भी पढ़ें- Budget 2026: वित्त मंत्री ने ग्रामीण महिलाओं के लिए किया SHE-Marts योजना का ऐलान, जानें इसके फायदे