SHE Marts Scheme: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक नई और महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है, जिसे 'SHE-Marts' नाम दिया गया है. यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में कदम बढ़ाने और उन्हें बाजार तक पहुंच प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी.
SHE-Marts का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को ना केवल उत्पादक, बल्कि उद्यमी बनाना है. इसके तहत महिलाएं कृषि, छोटे व्यवसायों और संबद्ध क्षेत्रों में अपने उत्पादों को बेच सकेंगी और अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगी. इस योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मिल सकेगा.
Union Budget Live | Women Leading India’s Growth Story!
— MyGovIndia (@mygovindia) February 1, 2026
SHE Marts will help turn rural women into enterprise owners through community-owned retail outlets run by SHG cluster federations. This will ensure an assured market for women-led products, while improving access to finance… pic.twitter.com/mV4vCEk2zM
SHE-Marts क्या हैं?
SHE-Marts का पूरा नाम है सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स. यह सामुदायिक रिटेल आउटलेट्स होंगे, जो पूरी तरह से महिलाओं के स्वामित्व और संचालन में होंगे. योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उत्पादक से आगे बढ़ाकर उद्यमी बनाना है. इन मार्ट्स के जरिए महिलाएं कृषि और छोटे व्यवसायों से जुड़ी अपनी बनाई हुई वस्तुओं को बाजार में बेच सकेंगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त हो सकेंगी.
मुख्य फायदे और कार्यप्रणाली
SHE-Marts के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में एग्री-क्लस्टर्स में रिटेल आउटलेट्स स्थापित किए जाएंगे, जो नियमित बाजार की तरह काम करेंगे. इन मार्ट्स के संचालन से महिलाएं अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकेंगी. इसके साथ ही, निम्नलिखित प्रमुख फायदे और कार्यप्रणालियाँ प्रदान की जाएंगी:
सरकारी सहयोग और तकनीकी सहायता
इस योजना को ग्रामीण विकास मंत्रालय और कृषि मंत्रालय के सहयोग से लागू किया जाएगा. इसके साथ ही, एक ऑनलाइन ऋण प्रणाली भी विकसित की जाएगी, जिसके जरिए महिलाएं आसानी से ऋण प्राप्त कर सकेंगी. इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रवास कम होगा, क्योंकि महिलाएं अपने घरों के पास ही बेहतर रोजगार और आय के अवसर प्राप्त कर सकेंगी.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार पर असर
SHE-Marts योजना से ग्रामीण महिलाओं को उच्च मूल्य वाली फसलों, पशुपालन और कौशल विकास के कई नए अवसर मिलेंगे. इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. सरकारी अनुमान के अनुसार, इस योजना से लाखों महिलाओं को लाभ होगा और ग्रामीण भारत अधिक आत्मनिर्भर बनेगा.
विशेषज्ञों के अनुसार, SHE-Marts योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है. न केवल इससे उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि यह उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने और ग्रामीण भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देने का भी काम करेगी.
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