Budget 2026: इतिहास का सबसे बड़ा डिफेंस बजट का हुआ ऐलान, सरकार ने खोल दिया खजाना; 14.5% से अधिक का उछाल

Defence Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में देश का केंद्रीय बजट पेश किया. इस बार का रक्षा बजट पिछले साल के मुकाबले एक नई ऊंचाई पर पहुंचा है, जो भारतीय सैन्य ताकत को और भी मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.

Budget 2026 largest defense in history has been announced government opening its coffers jump of over 14.5%
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Defence Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में देश का केंद्रीय बजट पेश किया. इस बार का रक्षा बजट पिछले साल के मुकाबले एक नई ऊंचाई पर पहुंचा है, जो भारतीय सैन्य ताकत को और भी मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. सरकार ने रक्षा मंत्रालय के लिए ₹7.8 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया है, जो पिछले वर्ष के ₹6.81 लाख करोड़ से लगभग 14.5% ज्यादा है. इस बढ़ोतरी के साथ, सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि देश की तीनों सेनाओं को दुनिया के सबसे आधुनिक, स्वदेशी और अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जाए, ताकि भारत अपनी रक्षा क्षमता में कोई कमी न छोड़ सके.

यह बजट खासतौर पर सेना के आधुनिकीकरण पर केंद्रित है. इस साल के बजट में सेना के आधुनिकीकरण के लिए ₹2.19 लाख करोड़ का विशेष आवंटन किया गया है, जिसका इस्तेमाल नई मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, पनडुब्बियों, ड्रोन्स और अन्य सैन्य उपकरणों की खरीदारी में किया जाएगा. भारतीय सेनाओं को उच्चतम तकनीकी स्तर पर सुसज्जित करने के लिए किए गए ये ऐतिहासिक कदम एक नई सैन्य रणनीति का हिस्सा हैं, जो भारत को वैश्विक रक्षा ताकतों के साथ प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा करेगा.

रक्षा मंत्रालय के बजट में सबसे बड़ी वृद्धि

इस बार का रक्षा बजट देश की रक्षा क्षेत्र में नई शुरुआत का संकेत है. ₹7.8 लाख करोड़ का भारी-भरकम बजट वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय रक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा. पिछले साल के मुकाबले लगभग 14.5% अधिक बजट आवंटन से स्पष्ट होता है कि सरकार की प्राथमिकता अपनी सेना को आधुनिक और स्वदेशी हथियारों से लैस करने पर है. खासकर, रक्षा मंत्रालय ने इस बार के बजट में सेना के आधुनिकीकरण के लिए ₹2.19 लाख करोड़ का अलग से आवंटन किया है, जो भारत की रक्षा क्षमता को और भी मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.

'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा और स्वदेशी हथियारों पर फोकस

सरकार ने रक्षा मंत्रालय के इस बजट में एक और बड़ा कदम उठाया है. स्वदेशी रक्षा उत्पादों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि भारतीय कंपनियां भी इस क्षेत्र में मजबूत भागीदार बनें. पिछले साल जहां रक्षा खरीद का 75% हिस्सा स्वदेशी हथियारों के लिए आवंटित किया गया था, वहीं इस बार इसे और भी मजबूती दी जा सकती है. इसका उद्देश्य भारत को रक्षा उपकरणों में आत्मनिर्भर बनाना और चीन जैसे देशों से मिल रही सैन्य चुनौती का सामना करना है.

इस बजट में स्वदेशी ड्रोन्स (UAVs), अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स, आधुनिक टैंक और अन्य अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों की खरीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी. सरकारी संस्थानों जैसे HAL (हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड) और DRDO (डिफेंस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन) को इस बजट से बड़ा सहारा मिलेगा, साथ ही भारतीय रक्षा कंपनियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा. इसका उद्देश्य 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देना और भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है.

बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स और संभावित सौदे

भारत की रक्षा रणनीति को सशक्त बनाने के लिए इस बजट में कई महत्वपूर्ण रक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए फंड आवंटित किया गया है. इनमें सबसे प्रमुख 114 मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों (MRFA) का प्रोजेक्ट है, जिसके लिए टेंडर इस बजट के बाद तेजी से आगे बढ़ सकते हैं. इसमें राफेल लड़ाकू विमान का नाम सबसे आगे है, जिसे पहले ही भारतीय वायुसेना द्वारा उच्चतम मानकों के अनुसार स्वीकार किया जा चुका है. इसके अलावा, भारत अपने वायुसेना के बेड़े को और भी मजबूत करने के लिए पांचवीं पीढ़ी के Su-57 स्टेल्थ फाइटर विमानों पर भी जोर दे सकता है.

ये परियोजनाएं भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं की श्रेणी में खड़ा करने में मदद करेंगी. इस बजट से इन बड़े सौदों को गति मिल सकती है और भारत के रक्षा क्षेत्र में तकनीकी उन्नति की एक नई शुरुआत हो सकती है.

समुद्र और पनडुब्बियों पर विशेष ध्यान

भारत के समुद्र क्षेत्र में भी अपनी रक्षा ताकत को मजबूत करने के लिए इस बजट में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. भारत को चीन से बढ़ती हुई समुद्री चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, और इसके लिए नई पनडुब्बियों और हाई-टेक ड्रोन्स की खरीदारी की प्रक्रिया तेज की जाएगी. यह कदम भारत की समुद्री सुरक्षा को और अधिक सशक्त करेगा और समुद्र में चीन के प्रभाव को कम करने में मदद करेगा. पनडुब्बियां और उच्च गुणवत्ता वाले ड्रोन्स भारतीय नौसेना के लिए सामरिक महत्व के होंगे, जो समुद्र में किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने और उसका मुकाबला करने में सक्षम होंगे.

भारत की सैन्य क्षमता को मजबूती मिलेगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में जो घोषणाएं की हैं, वे भारतीय सेना की ताकत को वैश्विक मानकों के अनुसार सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना और बड़े रक्षा सौदों पर जोर देना, यह संकेत देता है कि भारत अब अपनी सैन्य शक्ति को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इस बजट से भारतीय सेना को नई तकनीकों और आधुनिक हथियारों से लैस करने का सपना साकार होगा, जिससे भारत अपनी रक्षा नीति को और मजबूती दे सकेगा.

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