दुश्मन के इलाके में फंसा एक घायल अमेरिकी एयरमैन, चारों तरफ खतरा और ऊपर मंडराता मौत का साया... ईरान की पहाड़ियों में हुआ यह रेस्क्यू ऑपरेशन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था. डिक्लासिफाइड वीडियो में पहली बार उस मिशन की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें अमेरिकी पैरारेस्क्यू टीम ने बेहद कम समय में घायल एयरमैन को सुरक्षित निकाल लिया. रिपोर्ट के मुताबिक, एक एयरमैन को बचाने के लिए अमेरिका ने दिन के उजाले में 21 विमान तक उतार दिए, जबकि दूसरे तक पहुंचने में करीब दो दिन लग गए.
‘अल्फा’ के लिए भेजे गए 21 विमान
अप्रैल में एक फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद दोनों अमेरिकी एयरफोर्स अधिकारियों ने खुद को इजेक्ट किया था और ईरान के इस्फहान के दक्षिण में पहाड़ी इलाके में अलग-अलग जगह जा गिरे. ‘अल्फा’ की लोकेशन मिलने के करीब आठ घंटे बाद उसे निकालने का मिशन शुरू हुआ. चुनौती यह थी कि अमेरिकी टीम दुश्मन के इलाके में दाखिल हो रही थी और ईरानी सुरक्षाबलों के भी दोनों एयरमैन की तलाश में होने की आशंका थी. ऐसे में ‘अल्फा’ को सुरक्षित निकालने के लिए 21 अमेरिकी विमान ऑपरेशन में लगाए गए. ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन के मुताबिक, दिन के उजाले में दुश्मन की सीमा के पीछे जाना बेहद जोखिम भरा था, लेकिन एयरमैन को हर हाल में पहले निकालना जरूरी था.
Newly declassified footage shows U.S. special operations forces rescuing Bravo, 1 of 2 Air Force officers shot down over Iran in April. Badly wounded, Bravo survived alone behind enemy lines for 2 days.
— Open Source Intel (@Osint613) September 14, 2026
The helicopter used apparently is still classified pic.twitter.com/FonPFWyDlS
‘ब्रावो’ तक पहुंचना था सबसे मुश्किल
दूसरे एयरमैन ‘ब्रावो’ की स्थिति और भी गंभीर थी. विमान से निकलते समय वह बुरी तरह घायल हो गए थे और उनका पैराशूट भी क्षतिग्रस्त हो गया था. गंभीर चोटों और टूटी पीठ के बावजूद उन्होंने करीब 7,000 फीट ऊंची पहाड़ी रिज तक पहुंचकर वहीं इंतजार किया. उन्हें मालूम था कि अगर वह ईरानी सुरक्षाबलों के हाथ लग गए तो हालात बेहद मुश्किल हो सकते हैं. करीब दो दिन तक दुश्मन के इलाके में अकेले रहने के बाद आखिरकार अमेरिकी टीम उनकी लोकेशन का पता लगाने में सफल रही.
सिर्फ 20 सेकंड में पूरा हुआ रेस्क्यू
डिक्लासिफाइड इंफ्रारेड फुटेज में अमेरिकी एयरफोर्स के दो पैरारेस्क्यू जवान पहाड़ी इलाके में तेजी से आगे बढ़ते दिखाई देते हैं. सामने घायल ‘ब्रावो’ नजर आते हैं और दोनों कमांडो तुरंत उनकी तरफ पहुंचकर उन्हें संभाल लेते हैं. इसके बाद वे घायल एयरमैन को कंधे से उठाकर हेलीकॉप्टर तक ले जाते हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि ब्रावो को सुरक्षित हेलीकॉप्टर तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया महज करीब 20 सेकंड में पूरी हो गई.
रेस्क्यूर्स को देखते ही कहा- ‘लेट्स गो’
इस ऑपरेशन का सबसे भावुक पल तब आया, जब करीब दो दिन तक अकेले इंतजार करने के बाद ब्रावो की नजर अपने बचाव दल पर पड़ी. उन्होंने बताया कि रेस्क्यूर्स को सामने देखना उनकी जिंदगी के सबसे बेहतरीन पलों में से एक था. जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी जवानों को देखते ही उन्होंने क्या कहा, तो जवाब बेहद छोटा था- ‘लेट्स गो’ यानी ‘चलो.’ मुश्किल हालात में यह छोटा सा जवाब उस राहत और भरोसे को बयां कर गया, जो लंबे इंतजार के बाद उन्हें अपने साथियों को देखकर महसूस हुआ.
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