पुतिन या जिनपिंग... किसका विमान ज्यादा महंगा? कीमत और खासियत जानकर उड़ जाएंगे होश

Putin-Jinping Presidential Plane: पुतिन जहां एक खास राष्ट्रपति विमान से यात्रा करते हैं, वहीं जिनपिंग की विदेशी यात्राओं के लिए कमर्शियल विमान को विशेष रूप से मॉडिफाई किया जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि दोनों में से किस नेता का विमान ज्यादा महंगा और ज्यादा खास है?

putin-jinping-presidential-planes-cost-features-security-comparison
AI Generated

Putin-Jinping Presidential Plane: दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. दोनों नेता बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच भारत पहुंचे और उनके सफर के लिए इस्तेमाल होने वाले विमानों की खासियत भी कम दिलचस्प नहीं है. पुतिन जहां एक खास राष्ट्रपति विमान से यात्रा करते हैं, वहीं जिनपिंग की विदेशी यात्राओं के लिए कमर्शियल विमान को विशेष रूप से मॉडिफाई किया जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि दोनों में से किस नेता का विमान ज्यादा महंगा और ज्यादा खास है?

पुतिन का विमान क्यों है इतना महंगा?

व्लादिमीर पुतिन आमतौर पर Ilyushin Il-96-300PU से यात्रा करते हैं, जिसे रूस के राष्ट्रपति के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है. इसकी अनुमानित कीमत करीब 500 से 716 मिलियन डॉलर बताई जाती है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 4,200 से 6,000 करोड़ रुपये के बीच बैठती है. इसकी कीमत की बड़ी वजह सिर्फ आलीशान सुविधाएं नहीं, बल्कि इसमें मौजूद हाई-लेवल सुरक्षा और कम्युनिकेशन सिस्टम भी हैं.

'फ्लाइंग क्रेमलिन' के नाम से मशहूर

पुतिन के इस विमान को अक्सर 'फ्लाइंग क्रेमलिन' कहा जाता है. यह सामान्य यात्री विमान की तरह सिर्फ राष्ट्रपति को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि जरूरत पड़ने पर इसे हवा में एक सुरक्षित कमांड सेंटर के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. विमान में ऐसी व्यवस्थाएं हैं, जो राष्ट्रपति को यात्रा के दौरान भी महत्वपूर्ण सरकारी और सैन्य मामलों पर काम करने में सक्षम बनाती हैं.

हवा में चलता है कमांड सेंटर

पुतिन के विमान की सबसे अहम खूबियों में इसकी सैन्य कमांड क्षमता शामिल है. किसी बड़े राष्ट्रीय संकट या आपात स्थिति में राष्ट्रपति इससे सैन्य अधिकारियों के संपर्क में रह सकते हैं और जरूरी आदेश जारी कर सकते हैं. यही वजह है कि इसे कई बार 'डूम्सडे प्लेन' या 'फ्लाइंग कमांड पोस्ट' जैसे नामों से भी जोड़ा जाता है. इसमें सुरक्षित संचार और सुरक्षा से जुड़े कई एडवांस सिस्टम मौजूद बताए जाते हैं.

अंदर से किसी लग्जरी होटल से कम नहीं

सुरक्षा के अलावा पुतिन के विमान का इंटीरियर भी काफी चर्चा में रहता है. रिपोर्टों के मुताबिक इसमें शानदार बेडरूम, काम करने के लिए अलग जगह, बड़ा कॉन्फ्रेंस रूम, जिम और मेडिकल सुविधा जैसी व्यवस्थाएं हैं. विमान में कुछ बेहद लग्जरी फिटिंग्स का इस्तेमाल किए जाने की भी रिपोर्टें सामने आती रही हैं.

दुश्मन को चकमा देने की भी तैयारी

राष्ट्रपति की सुरक्षा को देखते हुए विमान में संभावित हवाई खतरों से बचाव के लिए कई तकनीकी इंतजाम किए गए हैं. इनमें रडार जैमिंग और मिसाइल से बचाव के उपाय शामिल बताए जाते हैं. इसके अलावा कुछ यात्राओं के दौरान समान विमान या डिकॉय विमान का इस्तेमाल भी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिससे किसी हमले की स्थिति में असली विमान की पहचान करना मुश्किल हो जाए.

जिनपिंग का बोइंग 747-8I

वहीं शी जिनपिंग की विमान व्यवस्था रूस से काफी अलग है. चीन विदेशी यात्राओं के लिए स्थायी रूप से एक अलग राष्ट्रपति विमान नहीं रखता. जिनपिंग की बड़ी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में Air China Boeing 747-8I का इस्तेमाल किया जाता है. यह मूल रूप से एक कमर्शियल विमान है, लेकिन राष्ट्रपति की यात्रा से पहले इसे सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से विशेष रूप से मॉडिफाई किया जाता है. इसकी अनुमानित कीमत करीब 250 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,100 करोड़ रुपये बताई जाती है.

यात्रा से पहले बदल जाता है विमान

जिनपिंग की यात्रा से पहले बोइंग 747-8I में कई बदलाव किए जाते हैं. इसमें राष्ट्रपति के लिए कार्यालय, रहने की जगह, शयनकक्ष और सुरक्षा से जुड़े विशेष क्षेत्र तैयार किए जा सकते हैं. यात्रा पूरी होने के बाद विमान को दोबारा सामान्य कमर्शियल सेवा में इस्तेमाल किया जाता है. यानी चीन का मॉडल एक स्थायी राष्ट्रपति विमान रखने के बजाय जरूरत के हिसाब से विमान को तैयार करने पर आधारित है.

पुतिन का विमान महंगा

दिलचस्प बात यह है कि कीमत में पुतिन का विमान काफी आगे है, लेकिन आकार के मामले में जिनपिंग का Boeing 747-8I बड़ा है. इसकी लंबाई करीब 76.3 मीटर बताई जाती है, जबकि Il-96-300PU की लंबाई लगभग 55 मीटर है. जिनपिंग के विमान को लंबी दूरी की उड़ानों के लिए डिजाइन किया गया है और इसमें शक्तिशाली GEnx इंजन इस्तेमाल होते हैं. हालांकि विमान की कीमत केवल उसके आकार से तय नहीं होती; राष्ट्रपति की यात्रा में सुरक्षा, संचार और विशेष तकनीकी बदलाव भी उसकी वास्तविक लागत और क्षमता को काफी प्रभावित करते हैं.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान का नया ड्रामा! दुनिया को फिर दिखाया ‘एक्शन’ का झांसा, मसूद अजहर पर निकाला ‘वारंट’