वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बाद शांति की एक किरण दिखाई दे रही है. अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों ने पहली बार युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर सहमति जताई है. उम्मीद है कि अगले 48 घंटे में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होंगे और इसके बाद दोनों देश आधिकारिक तौर पर युद्ध समाप्ति की घोषणा करेंगे.
एक पन्ने का समझौता और तीन बड़े मुद्दे
रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध समाप्ति के लिए जारी किया जाने वाला समझौता सिर्फ एक पन्ने का होगा, लेकिन इसमें तीन महत्वपूर्ण मुद्दों का जिक्र किया जाएगा. इस समझौते के तहत ईरान घोषणा करेगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और यूरेनियम संवर्धन नहीं करेगा.
इसके अलावा, ईरान अपने पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को पतला या समाप्त करने की भी घोषणा करेगा. अमेरिकी पक्ष चाहता है कि ईरान के पास मौजूद 440 किलो संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपा जाए.
अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाएगा और फ्रीज किए गए ईरानी पैसे वापस लौटाए जाएंगे. शुरुआत में इन पैसों का इस्तेमाल राहत और बचाव कार्यों के लिए किया जाएगा.
होर्मुज जलसंधि पूरी तरह से खुला रहेगा. ईरान के जहाजों को गुजरने की अनुमति होगी और अमेरिका किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगा.
ईरान ने अमेरिका की रिपोर्ट को बताया प्रोपगंडा
हालांकि, ईरान ने इस रिपोर्ट को अमेरिका का प्रोपगंडा करार दिया है. ईरान के वार्ता प्रतिनिधि मोहम्मद मरांडी का कहना है कि व्हाइट हाउस ने शेयर बाजार को बढ़ावा देने के लिए यह रिपोर्ट प्रकाशित करवाई है.
11 मुद्दों पर अभी भी बनी चुनौती
अभी भी 11 अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बनी है. अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ 14 सूत्रीय समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को समाप्त कर दिया गया है और आगे की बातचीत शांतिपूर्ण ढंग से होगी.