क्रीमिया में यूक्रेनी ड्रोन का जबरदस्त हमला, रूस का अरबों डॉलर का S-400 सिस्टम तबाह? पुतिन ने पकड़ा माथा

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने तीसरे वर्ष में कदम रख लिया है, और इस दौरान दोनों देशों के बीच लगातार घमासान तेज होता जा रहा है.

Ukrainian drone massive attack in Crimea destroys Russia billion dollar S400 system
पुतिन | Photo: ANI

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने तीसरे वर्ष में कदम रख लिया है, और इस दौरान दोनों देशों के बीच लगातार घमासान तेज होता जा रहा है. गुरुवार रात को यूक्रेन ने एक बार फिर रूस के कब्जे वाले क्रीमिया क्षेत्र में बड़ा हमला कर दिया, जिससे रूस को बड़ा आर्थिक और सैन्य नुकसान झेलना पड़ा.

यूक्रेन की मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट 'घोस्ट्स' द्वारा अंजाम दिए गए इस ऑपरेशन में ड्रोन हमले के ज़रिए रूस की बहुप्रशंसित S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम को गंभीर क्षति पहुंचाई गई. यूक्रेन द्वारा जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ड्रोन सीधे रडार, लॉन्चर और कमांड सेंटर पर वार कर रहे हैं. यह हमला न केवल रणनीतिक रूप से अहम था, बल्कि रूस के सैन्य मनोबल के लिए भी बड़ा झटका साबित हुआ है.

1 अरब डॉलर की बैटरी नष्ट

यूक्रेनी रक्षा एजेंसी HUR के मुताबिक, हमले में रूस की S-400 प्रणाली की दो 92N2E मल्टीफंक्शन राडार यूनिट्स, दो 91N6E डिटेक्शन राडार और एक लॉन्‍चर पूरी तरह बर्बाद हो गए. बता दें कि S-400 की एक बैटरी की कीमत 1 अरब डॉलर से भी अधिक होती है.

HUR ने एक बयान में कहा, "रडार सिस्टम दुश्मन की आंखें होते हैं. इनके बिना रूस की एयर डिफेंस प्रणाली अंधी और निष्क्रिय हो जाती है." गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब यूक्रेन ने क्रीमिया या बेलगोरोद जैसे इलाकों में रूसी डिफेंस सिस्टम पर हमला किया हो. 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर इसे एक महत्वपूर्ण सैन्य बेस में तब्दील कर दिया था.

ज़ेलेंस्की का यूरोपीय कंपनियों पर गंभीर आरोप

इसी बीच यूरोपीय काउंसिल की बैठक में बोलते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि यूरोप की कुछ कंपनियां अब भी रूस को मिसाइल और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स सप्लाई कर रही हैं.

ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय संघ से अपील करते हुए कहा, “ये पुर्जे रूस की मिसाइलों और हथियारों में इस्तेमाल हो रहे हैं, जिनसे हमारे आम नागरिकों की जानें जा रही हैं.” उन्होंने एक और कड़ा प्रतिबंध लगाने की मांग की, जिसमें रूस की शैडो टैंकर फ्लीट, बैंकिंग सिस्टम और तेल व्यापार को निशाना बनाया जाए.

रूसी सेना में भीतर ही भीतर विरोध

रूसी मीडिया ‘जोना’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2022 से अब तक 20,538 रूसी सैनिकों पर लड़ाई से इनकार करने के आरोप में केस दर्ज किए गए हैं. इनमें से 18,159 मामले बिना अनुमति के गायब होने से जुड़े हैं. अब तक 17,721 सैनिकों को सजा भी सुनाई जा चुकी है.

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