ट्रंप को मिलेगा करारा जवाब! चीनी राष्ट्रपति के खास आ रहे भारत, PM Modi से होगी मुलाकात, बनेगी अहम रणनीति

Wang Yi in India: भारत और चीन के रिश्ते अक्सर तनाव और सहयोग के बीच झूलते रहे हैं. गलवान संघर्ष (2020) के बाद तो दोनों देशों के बीच भरोसे की खाई और गहरी हो गई थी. लेकिन अब धीरे-धीरे दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में नई गर्माहट दिखाई देने लगी है. 

Trump will get a befitting reply Chinese President special man Wang Yi in India PM Modi
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Wang Yi in India: भारत और चीन के रिश्ते अक्सर तनाव और सहयोग के बीच झूलते रहे हैं. गलवान संघर्ष (2020) के बाद तो दोनों देशों के बीच भरोसे की खाई और गहरी हो गई थी. लेकिन अब धीरे-धीरे दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में नई गर्माहट दिखाई देने लगी है. 

इसी सिलसिले में चीन के विदेश मंत्री वांग यी सोमवार से दो दिवसीय भारत दौरे पर आ रहे हैं. खास बात यह है कि इस दौरान उनकी मुलाकात सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी होगी, जो अपने आप में एक बड़ा कूटनीतिक संकेत है.

केवल सीमा विवाद नहीं, एक बड़ा एजेंडा भी

आधिकारिक तौर पर यह यात्रा भारत-चीन सीमा विवाद को सुलझाने और संवाद को आगे बढ़ाने के लिए बताई जा रही है. वांग यी, एनएसए अजीत डोभाल के साथ विशेष प्रतिनिधि स्तर की सीमा वार्ता के 24वें दौर में हिस्सा लेंगे. पिछली ऐसी बातचीत दिसंबर 2024 में बीजिंग में हुई थी.

लेकिन जानकार मानते हैं कि इस दौरे के पीछे का एजेंडा सिर्फ सीमित नहीं है. दरअसल, भारत और चीन इस मंच का इस्तेमाल अमेरिका को भी संदेश देने के लिए कर रहे हैं. विशेषज्ञ इसे “3T- ट्रेड, टैरिफ और ट्रंप” की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं. संदेश साफ है: दिल्ली और बीजिंग किसी दबाव में झुकने को तैयार नहीं.

भारत-चीन रिश्तों की नई करवट

वांग यी मंगलवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी से सीधी भेंट एक “स्पेशल जेस्चर” मानी जा रही है, क्योंकि आम तौर पर विदेश मंत्री स्तर की मुलाकात में पीएम शामिल नहीं होते. 2020 के बाद यह वांग यी की भारत की दूसरी यात्रा है. पिछले एक साल से रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार हुआ है. कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई. चीनी पर्यटकों के लिए भारत ने वीज़ा सुविधा बहाल की. जल्द ही दोनों देशों के बीच सीधी फ्लाइट्स भी बहाल होंगी.

आगे की कूटनीति

अगले कुछ हफ़्तों में भारत-चीन संवाद और तेज़ होगा. अगस्त के अंत में पीएम मोदी SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने चीन जाएंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री जयशंकर और एनएसए डोभाल पहले ही इस साल शंघाई सहयोग संगठन की बैठकों में चीन का दौरा कर चुके हैं. गलवान संघर्ष के बाद से रिश्तों में आई खटास अब धीरे-धीरे पिघलती दिख रही है. ऐसे में वांग यी की यह यात्रा सिर्फ सीमा विवाद पर बात नहीं, बल्कि एशिया की बदलती शक्ति-संतुलन की कहानी भी लिख रही है.

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