ट्रंप के साथ हो गया खेला! अमेरिकी राष्ट्रपति ने जेलेंस्की को हड़काया, व्हाइट हाउस में भिड़ेंगे दोनों!

Trump Zelenskyy White House Meeting: यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध पर अमेरिका की नीति को लेकर बड़ा संकेत मिला है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर यूक्रेन को युद्ध समाप्त करना है, तो उसे अपनी कुछ प्रमुख मांगों से पीछे हटना पड़ेगा.

Trump has been fooled US President reprimanded Zelensky clash again in the White House
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Trump Zelenskyy White House Meeting: यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध पर अमेरिका की नीति को लेकर बड़ा संकेत मिला है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर यूक्रेन को युद्ध समाप्त करना है, तो उसे अपनी कुछ प्रमुख मांगों से पीछे हटना पड़ेगा. ट्रंप के इस बयान ने न केवल कीव (Kyiv) बल्कि यूरोपीय राजधानियों में भी हलचल मचा दी है.

सोमवार को वाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ होने वाली बैठक से ठीक पहले ट्रंप का यह बयान आया है. यह वही बैठक है, जिसके पहले से ही आशंका जताई जा रही थी कि दोनों नेताओं के बीच फिर से टकराव देखने को मिल सकता है.

ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की चाहें तो युद्ध तुरंत खत्म कर सकते हैं, या फिर इसे जारी रख सकते हैं. क्रीमिया अब कभी यूक्रेन को वापस नहीं मिलेगा. यूक्रेन का नाटो सदस्य बनना भी संभव नहीं है." ट्रंप के इन शब्दों ने साफ कर दिया कि सीजफायर के लिए वही शर्तें दोहराई जाएंगी, जिन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही सामने रख चुके हैं.

दबाव में आएंगे जेलेंस्की?

वाइट हाउस में होने वाली मुलाकात में ट्रंप का रुख जेलेंस्की के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है. यूरोपीय नेताओं को आशंका है कि अमेरिकी राष्ट्रपति यूक्रेन पर पुतिन की शर्तें मानने का दबाव डाल सकते हैं. इससे न केवल कीव बल्कि यूरोप की सुरक्षा नीति भी प्रभावित हो सकती है.

अलास्का शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि

ट्रंप ने हाल ही में 15 अगस्त को अलास्का में पुतिन से मुलाकात की थी. हालांकि उस दौरान सीजफायर पर सहमति नहीं बन सकी, लेकिन ट्रंप ने इसे “सकारात्मक और उपयोगी बातचीत” बताया था. अब जब वह जेलेंस्की से मिल रहे हैं, तो सवाल उठ रहा है कि क्या यह वार्ता यूक्रेन के लिए नए दबाव की शुरुआत होगी. ट्रंप का बयान यह संकेत देता है कि अमेरिका अब यूक्रेन को अनंत समर्थन देने के मूड में नहीं है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जेलेंस्की अपनी "जिद" छोड़ते हैं या फिर वॉशिंगटन और कीव के रिश्तों में नई खटास पैदा होती है.

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