Iran Israel War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अंतरिम समझौते का पालन नहीं करता, तो इससे अमेरिका की नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका का सबसे बड़ा लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है.
ट्रंप ने क्या कहा?
एक अमेरिकी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में ट्रंप से पूछा गया कि ईरान ने हाल ही में कहा है कि वह पिछले महीने हुए अंतरिम समझौते का पालन नहीं करेगा. इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, "मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता." उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी नीति पर कायम है और ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच पहले हुए समझौते का मकसद क्षेत्र में जारी संघर्ष को कम करना था, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं.
ईरान का दावा- अमेरिकी ड्रोन गिराया
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने खुजेस्तान प्रांत के अहवाज इलाके में अमेरिका का एक MQ-9 ड्रोन मार गिराया है. MQ-9 एक मानव रहित सैन्य विमान है, जिसका इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सैन्य अभियानों में किया जाता है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान पर जारी हैं अमेरिकी हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर एक और कार्रवाई की है. अमेरिका का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है.
ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि बार-बार समझौते का उल्लंघन कर अमेरिका ने अपनी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने वादों पर कायम नहीं रहता और यही दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की बड़ी वजह है.
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