नई दिल्ली: अगर किसी रेस्टोरेंट में खाने के बाद आपके बिल में बिना पूछे सर्विस चार्ज जोड़ दिया जाता है, तो अब ऐसे रेस्टोरेंट्स पर सख्त कार्रवाई हो सकती है. केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने साफ कहा है कि जो रेस्टोरेंट जबरन सर्विस चार्ज वसूलते रहेंगे, उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ सकता है.
मंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को नियम तोड़ने वाले रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
जबरन सर्विस चार्ज लगाना गलत
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कई बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में बिल में अपने आप सर्विस चार्ज जोड़ने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं.
उन्होंने बताया कि हाल ही में बेंगलुरु के एक रेस्टोरेंट में उनके बिल में भी सर्विस चार्ज जोड़ दिया गया था. जब इस पर सवाल उठाया गया तो रेस्टोरेंट ने चार्ज हटा दिया और माफी भी मांगी.
41 रेस्टोरेंट्स पर शुरू हुई कार्रवाई
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देशभर के 41 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. इन पर ग्राहकों से बिना अनुमति सर्विस चार्ज लेने का आरोप है.
सरकार ने रेस्टोरेंट्स से कहा है कि अगर उनके बिलिंग सॉफ्टवेयर में सर्विस चार्ज अपने आप जुड़ता है, तो उसे तुरंत बदलें.
हाई कोर्ट ने भी नियमों को माना सही
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी CCPA की गाइडलाइन को सही माना है. कोर्ट ने साफ कहा कि होटल और रेस्टोरेंट ग्राहकों के बिल में अपने आप सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते. इस मामले में दायर याचिकाओं को भी अदालत ने खारिज कर दिया.
इन रेस्टोरेंट्स पर हुई कार्रवाई
CCPA ने चायोस (सनशाइन टीहाउस) पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही ग्राहक से लिया गया सर्विस चार्ज वापस करने का आदेश भी दिया गया.
इसके अलावा कैफे ब्लू बॉटल (पटना), चाइना गेट रेस्टोरेंट, फिएस्टा बार्बेक्यू नेशन, FOO अहमदाबाद, ल'ओपेरा फ्रेंच बेकरी, ज़ोरो और द लक्ज़री नाइट क्लब समेत कई रेस्टोरेंट्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है.
ग्राहक ऐसे कर सकते हैं शिकायत
सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी रेस्टोरेंट में बिना अनुमति सर्विस चार्ज लिया जाता है, तो उसकी शिकायत करें.
शिकायत नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 या ईमेल के जरिए की जा सकती है. शिकायत करते समय बिल और जरूरी जानकारी भी साथ दें.
मंत्री ने यह भी साफ किया कि ग्राहक अपनी इच्छा से जो टिप देता है, वह अलग बात है, लेकिन रेस्टोरेंट की ओर से जबरन सर्विस चार्ज लेना कानून के मुताबिक सही नहीं है. यह उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के तहत अनुचित व्यापारिक तरीका माना जाता है.
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