Jammu Kashmir Rain: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित होती जा रही है. पुंछ जिले के लोरन इलाके में देर रात बादल फटने के बाद हुए भीषण भूस्खलन ने एक पूरे परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं. पहाड़ से तेज रफ्तार में आए मलबे और विशाल चट्टानों ने एक रिहायशी मकान को पूरी तरह ढहा दिया, जिसमें मौजूद परिवार के सदस्य बाहर निकलने तक का मौका नहीं पा सके. इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है, जबकि राजौरी-पुंछ क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है.
बादल फटने के बाद मलबे में समा गया पूरा मकान
जानकारी के अनुसार, पुंछ जिले के लोरन क्षेत्र में देर रात अचानक बादल फटने के बाद पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर नीचे आ गिरे. इस दौरान एक रिहायशी मकान सीधे भूस्खलन की चपेट में आ गया. हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर मौजूद थे. मलबा इतनी तेजी से आया कि किसी को बाहर निकलने का अवसर नहीं मिला और देखते ही देखते मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया.
एक ही परिवार के सात लोगों की गई जान
इस भयावह हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार, घर पूरी तरह मलबे में दब गया था. राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई है.
राजौरी-पुंछ में लगातार बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा
लोरन का हादसा बीते 24 घंटों में हुई प्राकृतिक आपदाओं की एक कड़ी भर है. लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राजौरी और पुंछ जिलों में कई जगह बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. प्रशासन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अलग-अलग हादसों में 22 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, हालिया घटनाओं को मिलाकर राजौरी-पुंछ क्षेत्र में मृतकों की संख्या बढ़कर 27 तक पहुंच गई है. यह स्थिति इलाके में मौसम की गंभीरता को दर्शाती है.
पूरे जम्मू-कश्मीर में पसरा मातम
बारिश और भूस्खलन से हुई लगातार मौतों ने पूरे जम्मू-कश्मीर को झकझोर दिया है. कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, जबकि अनेक घर, खेत और सड़कें भी इस आपदा की चपेट में आ गई हैं. लोरन में हुए हादसे ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाओं का सिलसिला लगातार जारी है.
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है. उधर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें. मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.
मौसम का कहर अभी थमने के आसार नहीं
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राहत एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं. संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है. लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करना है.
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