त्रिपुरा पुलिस महकमे से सोमवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया. राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ अपने अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय के कार्यालय में मृत पाए गए. शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की. उन्हें तत्काल जीबी पंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
तीन दशक से अधिक का अनुभव
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ का पुलिस सेवा में तीन दशक से अधिक का लंबा और उल्लेखनीय सफर रहा. त्रिपुरा के पुलिस प्रमुख बनने से पहले वह राज्य में डीजीपी (इंटेलिजेंस) के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके थे. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य पुलिस के कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं. इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जैसी प्रमुख एजेंसियों में भी अपनी सेवाएं दीं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मामलों का व्यापक अनुभव मिला.
जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
अनुराग धनखड़ संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन का भी हिस्सा रह चुके थे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पुलिसिंग और शांति स्थापना से जुड़े अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनके निधन की खबर से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में शोक का माहौल है. फिलहाल अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी परिस्थितियों का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और कारणों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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