Assam Floods: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. सोमवार रात हुई तेज बारिश के बाद गुवाहाटी के कई निचले इलाकों में पानी भर गया. कई घरों और सड़कों पर पानी जमा हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मेघालय की पहाड़ियों से आने वाला पानी और वशिष्ठ नदी का बढ़ता जलस्तर इस परेशानी की बड़ी वजह बना है.
1.7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
राज्य में बाढ़ का असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है. सरकारी जानकारी के अनुसार, असम के 12 जिलों और 30 राजस्व क्षेत्रों के करीब 580 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. इस बाढ़ से 1.7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं, 10 हजार हेक्टेयर से अधिक खेती की जमीन पानी में डूब गई है. कामरूप जिले के कई हिस्सों में शहरी बाढ़ की स्थिति भी सामने आई है.
शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट सबसे ज्यादा प्रभावित
असम के शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर हुआ है. लगातार बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. कुछ जगहों पर तटबंध टूट गए हैं और कई गांवों का संपर्क दूसरे इलाकों से कट गया है. बाढ़ के पानी से रेलवे ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं.
गुवाहाटी में घरों में घुसा पानी
गुवाहाटी में बारिश के बाद कई घरों में पानी भर गया. लोगों के बेड, सोफे, रसोई का सामान और दूसरी जरूरी चीजें खराब हो गईं. कई लोगों को अपने वाहन सुरक्षित जगहों पर ले जाने पड़े. रविवार रात से ही कई परिवार पानी निकालने में लगे हुए हैं. कुछ घरों में पानी भरने के कारण लोगों को खाना बनाने में भी परेशानी हुई.
सेना ने संभाला मोर्चा
हालात खराब होने के बाद भारतीय सेना और असम राइफल्स की टीमें बचाव कार्य में जुट गई हैं. सेना ने प्रभावित इलाकों में खोज और राहत अभियान शुरू किया है. शिवसागर और चराईदेव में कई नावें तैनात की गई हैं. इसके अलावा एनडीआरएफ की टीमें भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगी हुई हैं.
मुख्यमंत्री ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और प्रभावित लोगों तक जल्द मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. मंत्रियों को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है, ताकि राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा सके.
अगले कुछ घंटे अहम
अधिकारियों के मुताबिक ब्रह्मपुत्र नदी क्षेत्र में बारिश जारी रहने के कारण आने वाले कुछ घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं. बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमों को भी तैनात किया जाएगा.
लोगों ने बताई अपनी परेशानी
गुवाहाटी के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हर साल मानसून के दौरान उन्हें ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लगातार बारिश होने पर पानी घरों में घुस जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों को भी परेशानी होती है.
उन्होंने बताया कि घर की रसोई में पानी भर गया है, जिसके कारण खाना बनाना भी मुश्किल हो गया. सुबह से परिवार के लोग घर से पानी निकालने और सामान बचाने में लगे हुए हैं.
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