Parliament Monsoon Session: मानसून हो या मानसून सत्र, दोनों का एक्टिव रहना फायदेमंद - पीएम मोदी

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया. सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित किया.

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Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया. सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि जैसे अच्छा मानसून देश के लिए जरूरी होता है, वैसे ही संसद का सत्र भी सही तरीके से चले तो उसका फायदा पूरे देश को मिलता है.

पीएम मोदी ने कहा, "चाहे मानसून हो या संसद का मानसून सत्र, अगर दोनों सक्रिय रहें तो देश और समाज का भला होता है. हम कामना करते हैं कि मानसून भी अच्छा रहे और संसद का यह सत्र भी देश के लिए उपयोगी साबित हो."

वैश्विक संकट के बावजूद भारत की तेज आर्थिक बढ़त

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ समय में दुनिया ने कई बड़े संकट देखे हैं. खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर ऊर्जा पर निर्भर देशों पर पड़ा. पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरकों की सप्लाई में भी कई चुनौतियां आईं.

उन्होंने कहा कि इन मुश्किल हालात के बावजूद भारत ने 7.7 फीसदी की आर्थिक विकास दर हासिल की और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना. पीएम मोदी ने इसे भारत की ताकत और क्षमता का उदाहरण बताया.

पिछले एक महीने में देश ने हासिल की कई उपलब्धियां

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते एक महीने में भारत ने कई ऐसे काम किए हैं, जिन पर हर देशवासी को गर्व होना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई सफलताएं हासिल की हैं.

उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल इसी समय एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा था. वहीं हाल ही में भारत के एक युवा स्टार्टअप ने भी अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की. पीएम मोदी ने कहा कि यह दिखाता है कि देश के युवाओं की सोच और क्षमता लगातार आगे बढ़ रही है.

उन्होंने कहा कि देश आज "सुधार एक्सप्रेस" पर आगे बढ़ रहा है और यही वजह है कि भारतीय युवा बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा भी कर रहे हैं.

संसद में तर्क और तथ्यों के साथ हो चर्चा

प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा सबसे अहम होती है और हर सांसद को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए.

उन्होंने कहा, "जहां तथ्य और मजबूत तर्क होते हैं, वहां शोर-शराबे की जरूरत नहीं होती. संसद में चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए और हर आवाज को सुना जाना चाहिए."

सत्र से पहले सरकार और विपक्ष आमने-सामने

मानसून सत्र शुरू होने से पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई थी. इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद देखने को मिले.

विपक्ष ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा मामले, नीट पेपर लीक, एथनॉल नीति, मणिपुर की स्थिति, किसानों के मुद्दे और चुनाव आयोग के कामकाज पर चर्चा की मांग की. वहीं सरकार ने सभी दलों से संसद की कार्यवाही शांतिपूर्ण और सुचारू तरीके से चलाने में सहयोग करने की अपील की.

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि इस मानसून सत्र के लिए फिलहाल आठ विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं. अगर कोई नया विधेयक लाया जाएगा तो उसकी जानकारी सभी राजनीतिक दलों को पहले दी जाएगी. उन्होंने सभी दलों से विधेयकों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा करने की अपील भी की.

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