नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है. सोमवार, 4 मई को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन (FOIZ) में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस हमले की कड़ी निंदा की है.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. 8 अप्रैल को युद्धविराम के ऐलान के बाद, सोमवार को ईरान ने सीजफायर तोड़ते हुए यूएई पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया. यूएई अधिकारियों ने हवाई खतरे की पुष्टि की और बताया कि विदेश और रक्षा मंत्रालय की ओर से आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया तथा एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया.
भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया
भारत ने युद्ध जैसी इन स्थितियों को तुरंत रोकने की मांग की है. विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मासूम नागरिकों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना गलत है. भारत का मानना है कि इस समस्या का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है, जिससे कि पश्चिम एशिया में फिर से शांति स्थापित की जा सके.
Our statement on the attack on Fujairah ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) May 5, 2026
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फुजैराह में आग और घायल भारतीय
ईरान के ड्रोन हमले के बाद फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन में आग लग गई थी. इस घटना में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए. विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए तनाव को तुरंत खत्म करने की अपील की और नागरिक बुनियादी ढांचे और नागरिकों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की.
भारत का समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर
भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बिना किसी रुकावट के जारी रखने की मांग की है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समुद्री व्यापार सुरक्षित होना चाहिए. भारत हर प्रयास में शांतिपूर्ण समाधान के लिए सहयोग करने के लिए तैयार है.
पीएम मोदी ने निंदा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यूएई में भारतीयों पर हमले की निंदा की. एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा कि, "संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं. नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है. भारत संयुक्त अरब अमीरात के साथ पूरी तरह एकजुट है और बातचीत और कूटनीति के जरिए सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है. होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है."
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