चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में बड़े पर्दे के सितारे हमेशा ही अपनी चमक और लोकप्रियता के साथ राजनीति के रंग में उतरते रहे हैं. हाल ही में सुपरस्टार विजय ने इस परंपरा को जारी रखते हुए अपनी नई पार्टी TVK (तमिलगा वेट्री कझगम) के साथ राज्य में बड़ी जीत दर्ज की. 4 मई को हुए चुनावों में उनकी पार्टी की सफलता ने यह साबित कर दिया कि बड़े पर्दे का जादू, अगर सही दिशा में लगाया जाए, तो राजनीति की जटिल दुनिया में भी असर दिखा सकता है.
लेकिन यह कोई नई कहानी नहीं है. इससे पहले भी तमिलनाडु ने कई ऐसे अभिनेता और अभिनेत्री देखे हैं, जिन्होंने रील की दुनिया से सीधे राजनीति में कदम रखा और राज्य की दिशा बदल दी.
एमजी रामचंद्रन
एमजी रामचंद्रन, जिन्हें प्यार से MGR कहा जाता है, तमिल सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में से एक थे. उनकी फिल्मों में गरीब और आम जनता के लिए लड़ाई की कहानियाँ थीं, जिससे वे लोगों के दिलों में मसीहा बन गए. पहले DMK के सदस्य रहे MGR ने 1972 में अपने राजनीतिक मार्ग का चुनाव करते हुए AIADMK की स्थापना की. उन्होंने लगातार तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी, यह साबित करते हुए कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं थी.
जयललिता
MGR की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में जयललिता का नाम हमेशा याद रखा जाएगा. बड़े पर्दे पर उनकी आकर्षक उपस्थिति और MGR के साथ शानदार ऑन-स्क्रीन जोड़ियों ने उन्हें जनता के दिलों में खास जगह दिलाई. MGR के निधन के बाद जयललिता ने AIADMK में अपनी पकड़ मजबूत की और ‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर हुईं. पांच बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने साबित किया कि सिनेमा और राजनीति का मेल अगर सही ढंग से हो, तो असाधारण परिणाम ला सकता है.
विजयकांत
कप्टन विजयकांत, जिन्हें उनके फिल्मी किरदारों में सेना और पुलिस अधिकारी की भूमिकाओं से पहचाना जाता था, ने 2005 में DMDK की स्थापना की. उनका मकसद था गरीबों और राज्य के विकास के लिए काम करना. हालांकि वे मुख्यमंत्री नहीं बने, लेकिन उनकी पार्टी अक्सर सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभाती रही, और यह दिखाता है कि लोकप्रियता के साथ ठोस राजनीतिक रणनीति कितनी महत्वपूर्ण है.
सरथकुमार
सरथकुमार लंबे समय तक केवल अभिनेता के रूप में जाने जाते रहे. उन्होंने DMK में शामिल होकर राजनीति की दुनिया में कदम रखा, लेकिन जब उन्हें सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने 2007 में AISMK नामक अपनी पार्टी बनाई. हालांकि उनकी पार्टी ने ज्यादा असर नहीं डाला और 2024 में उन्होंने इसे BJP में विलय कर दिया.
कमल हासन
कमल हासन ने हमेशा ही राजनीति पर खुले विचार रखे, लेकिन उन्होंने किसी स्थापित पार्टी का साथ नहीं लिया. 2018 में उन्होंने MNM (मक्कल निधि मय्यम) की स्थापना की. उनका लक्ष्य राज्य में एक तर्कसंगत, गांधीवादी मूल्यों पर आधारित पार्टी बनाना था. हालांकि राज्य में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन उनके प्रयास ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नया दृष्टिकोण पेश किया.
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