भारत ने बंगाल की खाड़ी में जारी किया NOTAM, बंद किया एयरस्पेस, किस मिसाइल टेस्ट की हो रही तैयारी?

भारत ने हाल ही में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में एक विस्तृत दायरे के लिए NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया है, जिसने रणनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है.

Opration Sindoor Anniversary India issues NOTAM in Bay of Bengal
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

नई दिल्ली: भारत ने हाल ही में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में एक विस्तृत दायरे के लिए NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया है, जिसने रणनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है. इस नोटाम के तहत करीब 3,550 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को निर्धारित अवधि के लिए “डेंजर ज़ोन” घोषित किया गया है, जहां नागरिक विमानों की आवाजाही पर रोक रहेगी.

यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब सुरक्षा और सामरिक गतिविधियों को लेकर क्षेत्र में संवेदनशीलता बनी हुई है.

समय का चयन क्यों खास है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह NOTAM 25 अप्रैल 2026 से 6 मई 2026 के बीच प्रभावी है. यह अवधि पहलगाम आतंकी हमला की बरसी और ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ के आसपास पड़ती है.

गौरतलब है कि मई 2025 में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी. ऐसे में इसी समय के आसपास बड़े पैमाने पर NOTAM जारी होना कई विश्लेषकों के मुताबिक एक संकेतात्मक कदम माना जा रहा है.

क्या अग्नि-IV परीक्षण की तैयारी?

रक्षा सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, इतने बड़े क्षेत्र को डेंजर ज़ोन घोषित करने से संकेत मिलते हैं कि यह कदम अग्नि-IV मिसाइल के परीक्षण से जुड़ा हो सकता है.

हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परीक्षण के लिए चुना गया समय और क्षेत्र इसे एक अहम रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है—खासतौर पर क्षेत्रीय और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में.

अग्नि-IV की खासियतें

DRDO द्वारा विकसित अग्नि-IV एक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है, जिसे आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है.

  • यह दो-स्टेज वाली ठोस ईंधन पर आधारित मिसाइल है
  • लगभग 1,000 किलोग्राम तक वॉरहेड ले जाने में सक्षम
  • इसकी मारक क्षमता करीब 3,500 से 4,000 किलोमीटर तक मानी जाती है
  • उन्नत एवियोनिक्स और नेविगेशन सिस्टम इसे अत्यधिक सटीक बनाते हैं
  • इसकी त्रुटि सीमा (CEP) 100 मीटर से भी कम बताई जाती है
  • इसे सड़क मार्ग से भी तेजी से तैनात किया जा सकता है

इन खूबियों के कारण यह भारत की रणनीतिक रक्षा क्षमता का अहम हिस्सा मानी जाती है.

NOTAM क्या होता है और क्यों जरूरी है?

NOTAM यानी “नोटिस टू एयरमेन” एक आधिकारिक सूचना होती है, जो किसी विशेष एयरस्पेस में अस्थायी प्रतिबंध या चेतावनी के लिए जारी की जाती है.

  • इसका उपयोग मिसाइल परीक्षण, सैन्य अभ्यास या सुरक्षा कारणों से किया जाता है
  • NOTAM लागू होने के दौरान नागरिक विमान उस क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकते
  • इससे सैन्य गतिविधियों को बिना जोखिम के संचालित करने में मदद मिलती है
  • तनावपूर्ण हालात या संभावित खतरे की स्थिति में भी एयरस्पेस सीमित किया जाता है

हाल के समय में विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते तनाव के कारण कई देशों ने अपने एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगाए हैं, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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