NEET UG Wrong Question Paper: देश की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के दौरान झारखंड के पलामू जिले से एक गंभीर लापरवाही सामने आई, जिसने छात्रों और अभिभावकों दोनों को चिंता में डाल दिया. परीक्षा केंद्र पर कई अभ्यर्थियों को उनकी चुनी हुई भाषा के बजाय दूसरी भाषा का प्रश्न पत्र दे दिया गया, जिससे परीक्षा शुरू होते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
परीक्षा की शुरुआत में ही सामने आई गलती
रविवार को मेदिनीनगर स्थित परीक्षा केंद्र- योध सिंह नामधारी महिला कॉलेज में छात्र पूरे साल की तैयारी के बाद परीक्षा देने पहुंचे थे. शुरुआती प्रक्रिया सामान्य रही, लेकिन जैसे ही प्रश्न पत्र बांटे गए, कई छात्रों को पता चला कि उन्हें गलत भाषा का पेपर मिला है.
जिन छात्रों ने आवेदन के समय हिंदी माध्यम चुना था, उन्हें अंग्रेजी में प्रश्न पत्र दे दिया गया. इस गलती से छात्र घबरा गए, क्योंकि भाषा बदलने से सवालों को समझना मुश्किल हो जाता है और प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ता है.
छात्रों का विरोध, परीक्षा केंद्र पर तनाव
गलत प्रश्न पत्र मिलने के बाद छात्रों ने तुरंत विरोध जताया. परीक्षा हॉल में शांति भंग हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. छात्रों और केंद्र के स्टाफ के बीच बहस की स्थिति भी बनी.
अभ्यर्थियों का कहना था कि यह उनकी मेहनत और भविष्य के साथ अन्याय है. बाहर मौजूद अभिभावक भी स्थिति को लेकर परेशान हो गए, क्योंकि उन्हें अंदर की सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी.
प्रशासन और NTA को करना पड़ा हस्तक्षेप
मामला बढ़ता देख स्थानीय प्रशासन को मौके पर बुलाया गया. अधिकारी पुलिस बल के साथ केंद्र पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया गया. इसके बाद National Testing Agency (NTA) से संपर्क किया गया, जो इस परीक्षा का आयोजन करती है.
इस गड़बड़ी के कारण परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी और काफी देर तक स्थगित रही. इससे छात्रों का तनाव और बढ़ गया.
शाम में दोबारा शुरू हुई परीक्षा
काफी मशक्कत और बातचीत के बाद स्थिति को संभाला गया. छात्रों को उनकी चुनी हुई भाषा में सही प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए गए. इसके बाद शाम करीब 6 बजे परीक्षा फिर से शुरू कराई गई और छात्रों ने अपना पेपर पूरा किया.
हालांकि, देरी और असमंजस के कारण अभ्यर्थियों को मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा.
तकनीकी गलती बताई गई वजह
स्थानीय प्रशासन के अनुसार यह एक तकनीकी त्रुटि थी. अधिकारियों ने बताया कि प्रश्न पत्र के पैकेट में ही गलत भाषा के पेपर आ गए थे, जिससे यह समस्या उत्पन्न हुई.
जिले में इस वर्ष कुल चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, लेकिन यह गड़बड़ी केवल एक केंद्र पर ही सामने आई. बाकी केंद्रों पर परीक्षा सामान्य तरीके से संपन्न हुई.
जांच के आदेश, जिम्मेदारी तय होगी
जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो.
जिले के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद रहे और परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी की.
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