बलूचिस्तान में BLA के सामने शहबाज-मुनीर ने टेके घुटने! ड्रैगन की निकली हवा, ग्वादर से भागने की तैयारी में चीन

CPEC Project BLA: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात एक बार फिर गंभीर होते नजर आ रहे हैं. ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बलूच विद्रोही गुटों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों की रफ्तार तेज कर दी है.

Shahbaz-Munir kneeled before BLA in Balochistan China preparing to escape from Gwadar
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CPEC Project BLA: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात एक बार फिर गंभीर होते नजर आ रहे हैं. ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बलूच विद्रोही गुटों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों की रफ्तार तेज कर दी है. इन कार्रवाइयों के चलते पाकिस्तान सरकार और सेना पर दबाव बढ़ गया है, जबकि कई इलाकों में प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर स्थिति चुनौतीपूर्ण बताई जा रही है.

रिपोर्ट्स के अनुसार बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) से जुड़े लड़ाकों ने कुछ सैन्य शिविरों और चौकियों को निशाना बनाया है. बताया जा रहा है कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को पीछे हटना पड़ा है और कुछ स्थानों पर विद्रोहियों की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय हो गई हैं. कई जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन के लिए हालात संभालना मुश्किल होता जा रहा है.

ग्वादर में जमीनी अभियानों पर रोक की चर्चा

इस बीच ग्वादर से जुड़ी खबरों ने भी चिंता बढ़ा दी है. सूत्रों के मुताबिक वहां कुछ समय के लिए जमीनी सैन्य अभियानों को रोके जाने की बातें सामने आई हैं. ग्वादर पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम इलाका माना जाता है, क्योंकि यह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का एक प्रमुख केंद्र है. ऐसे में यहां सुरक्षा स्थिति का प्रभावित होना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

चीनी परियोजनाओं पर हमलों से बढ़ी चिंता

बलूचिस्तान में जारी हिंसा का असर चीन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी पड़ रहा है. हालिया हमलों में चीनी निवेश वाली परियोजनाओं को निशाना बनाए जाने की खबरें आई हैं. इससे बीजिंग की चिंता बढ़ी है, क्योंकि CPEC को चीन अपनी वैश्विक आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा मानता है. सुरक्षा हालात बिगड़ने के बाद चीन की ओर से अपने नागरिकों और निवेश से जुड़े हितों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए जाने की चर्चा हो रही है.

क्षेत्रीय अस्थिरता ने बढ़ाई पाकिस्तान की मुश्किलें

लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने बलूचिस्तान में अस्थिरता को और गहरा कर दिया है. सुरक्षा, निवेश और विकास परियोजनाओं पर पड़ रहे असर के कारण पाकिस्तान सरकार के सामने आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक और कूटनीतिक चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात पर जल्दी काबू नहीं पाया गया, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है.

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