India Pakistan SCO: भारत ने इस सप्ताह इस्लामाबाद में हुई क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी बैठक में हिस्सा लिया. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को भारत की भागीदारी की पुष्टि की और कहा कि दोनों देशों के लिए आतंकवाद एक साझा चुनौती है.
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी ढांचे यानी RATS की 46वीं बैठक 14 सितंबर को इस्लामाबाद में हुई थी. इस बैठक में SCO के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
भारत ने SCO की बैठक में लिया हिस्सा
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान से साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में भारत की भागीदारी को लेकर सवाल पूछा गया. उन्होंने बताया कि इस बैठक में इस्लामाबाद स्थित भारतीय मिशन के चार्ज डी अफेयर्स ने हिस्सा लिया था.
भारत की भागीदारी पर पाकिस्तान के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐसी भागीदारी आगे भी जारी रहने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य शांति, सुरक्षा और आतंकवाद से निपटना है और आतंकवाद दोनों देशों के लिए एक साझा चुनौती है.
Pakistan successfully hosted the 46th Meeting of the Council of the Regional Anti Terrorism Structure (RATS) of the Shanghai Cooperation Organization (SCO) in Islamabad, today marking the successful conclusion of its chairmanship.
— Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) September 14, 2026
This reflects Pakistan’s commitment and… pic.twitter.com/LeCwOBGY13
सिख तीर्थयात्रियों को रोकने पर दी सफाई
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से उन खबरों को लेकर भी सवाल किया गया, जिनमें कहा गया था कि करीब 90 से 100 सिख तीर्थयात्रियों को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर भारत जाने वाली फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया गया. ये तीर्थयात्री श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए भारत आ रहे थे. रिपोर्टों के मुताबिक, उनका सफर दुबई के रास्ते होना था.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इन खबरों को गलत बताया. प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने कहा कि तीर्थयात्रियों को विमान में चढ़ने से रोकने की बात सही नहीं है. उनके मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि इन यात्रियों को भारतीय उच्चायोग की ओर से वीजा जारी किए गए थे.
तीर्थयात्रियों के वीजा पर पाकिस्तान का तर्क
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इन तीर्थयात्रियों को मिले वीजा भारत और पाकिस्तान के बीच 1974 के द्विपक्षीय समझौते के तहत जारी नहीं हुए थे. पाकिस्तान का कहना है कि इस समझौते के तहत दोनों देशों के धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए अलग व्यवस्था है.
एक पाकिस्तानी अधिकारी के मुताबिक, इन सिख तीर्थयात्रियों ने दिल्ली की एक धार्मिक प्रबंधन संस्था के जरिए अपने भारतीय वीजा हासिल किए थे. अधिकारी ने कहा कि उन्हें अपनी यात्रा के लिए पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ तालमेल करना चाहिए था. साथ ही, भारत जाने के लिए वाघा बॉर्डर के रास्ते को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई.
ये भी पढ़ें- पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा! ईरान को लेकर अमेरिका करने जा रहा कुछ बड़ा, मिडिल ईस्ट में हलचल तेज