आसमान में बढ़ेगी भारत की ताकत! आज तेजस ट्रेनर, HTT-40 और ध्रुव NG की होगी डिलीवरी

Indian Air Force News: भारतीय वायुसेना को मजबूत बनाने की दिशा में शुक्रवार का दिन अहम रहने वाला है. देश की विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारतीय वायुसेना (IAF) और पवन हंस लिमिटेड (PHL) को तीन स्वदेशी फ्लाइंग प्लेटफॉर्म सौंपने जा रही है.

India tri-power boost for skies today HAL to hand over Tejas Trainer HTT-40 Dhruv NG
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Indian Air Force News: भारतीय वायुसेना को मजबूत बनाने की दिशा में शुक्रवार का दिन अहम रहने वाला है. देश की विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारतीय वायुसेना (IAF) और पवन हंस लिमिटेड (PHL) को तीन स्वदेशी फ्लाइंग प्लेटफॉर्म सौंपने जा रही है. इनमें भारतीय वायुसेना के लिए LCA तेजस का FOC ट्विन सीटर ट्रेनर और HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान शामिल हैं. वहीं, पवन हंस को ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टर दिया जाएगा.

इन तीनों फ्लाइंग प्लेटफॉर्म की खासियत क्या है?

ट्विन सीटर यानी दो सीटों वाला विमान, जिसमें ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनर और ट्रेनी दोनों बैठ सकते हैं. वहीं HTT-40 एक स्वदेशी बेसिक ट्रेनर विमान है, जिसे पायलटों की शुरुआती उड़ान ट्रेनिंग के लिए तैयार किया गया है. ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नागरिक क्षेत्र में अलग-अलग जरूरी कामों के लिए किया जाएगा.

1. LCA तेजस FOC ट्विन सीटर ट्रेनर

LCA तेजस का ट्विन सीटर ट्रेनर भारतीय वायुसेना के पायलटों की ट्रेनिंग में अहम भूमिका निभाएगा. इसमें दो सीटें होती हैं, जिससे प्रशिक्षक और पायलट साथ उड़ान भरकर प्रशिक्षण ले सकते हैं. स्वदेशी तेजस परिवार में इस ट्रेनर का शामिल होना वायुसेना की ट्रेनिंग क्षमता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

2. HTT-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट

HAL भारत में डिजाइन और तैयार किया गया HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान भी भारतीय वायुसेना को सौंपेगा. अभी तक पायलटों की शुरुआती ट्रेनिंग के लिए विदेशी पिलाटस विमानों पर निर्भरता रही है. HTT-40 के आने से इस जरूरत को स्वदेशी विमान पूरा करेगा.

टर्बोप्रॉप इंजन से लैस HTT-40 में डिजिटल कॉकपिट दिया गया है. इसमें 'जीरो-जीरो' इजेक्शन सीट भी लगी है, जो आपात स्थिति में पायलट को विमान से सुरक्षित बाहर निकलने में मदद करती है.

3. ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टर

HAL नागरिक क्षेत्र में इस्तेमाल के लिए पवन हंस लिमिटेड को ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टर सौंपेगा. इसमें फ्रांस के सहयोग से तैयार 'शक्ति' इंजन का इस्तेमाल किया गया है. यह हेलीकॉप्टर करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है और बर्फीले इलाकों से लेकर गर्म और रेतीले वातावरण में भी काम करने के लिए तैयार है.

ध्रुव एनजी का इस्तेमाल समुद्र में ONGC के रिग्स तक क्रू को पहुंचाने और वापस लाने के लिए किया जा सकता है. इसके अलावा राहत-बचाव अभियान और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए इसे एयर एंबुलेंस के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.

बेंगलुरु में होगा कार्यक्रम

इन तीनों फ्लाइंग प्लेटफॉर्म को सौंपने का कार्यक्रम बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा. इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम में देश की बढ़ती स्वदेशी विमानन क्षमता की झलक देखने को मिलेगी.

एक ओर तेजस ट्विन सीटर और HTT-40 भारतीय वायुसेना के पायलटों की ट्रेनिंग से जुड़े हैं, वहीं ध्रुव एनजी का इस्तेमाल नागरिक क्षेत्र में किया जाएगा. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म की डिलीवरी भारत में विमान और हेलीकॉप्टर के डिजाइन, विकास और निर्माण की क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है.

सरकार विमानन और रक्षा क्षेत्र में घरेलू तकनीक और उत्पादन को बढ़ावा दे रही है. इसका मकसद विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम करना और देश में ही मजबूत विमानन एवं रक्षा उद्योग तैयार करना है.

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