Trump Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और बढ़ाने का संकेत दिया है. अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है कि ईरान के खिलाफ आगे क्या कदम उठाया जाए. उन्होंने कहा कि वह ईरान पर बड़ा हमला करने या नहीं करने को लेकर फैसला लेने की स्थिति में हैं और कुछ भी हो सकता है.
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वह अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान खाड़ी के छह देशों के नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं. इस बैठक में सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के नेता या विदेश मंत्री शामिल हो सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में ईरान के साथ चल रहे संघर्ष और युद्ध के बाद की रणनीति पर चर्चा हो सकती है.
हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया है कि ईरान के खिलाफ अगली बड़ी सैन्य कार्रवाई का फैसला नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले होगा या उसके बाद.
ईरान के खिलाफ ट्रंप का अभियान
ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका का ईरान से सीधा संपर्क बना हुआ है और उनके मुताबिक ईरान समझौता करना चाहता है. इससे पहले भी ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर कई बार बयान दे चुके हैं.
अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए प्रतिबंधों का भी सहारा लिया है. वहीं, अमेरिकी नौसेना की ओर से ईरान की समुद्री आवाजाही पर दबाव बनाए रखने की कोशिश जारी है. होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और वहां से टैंकरों की आवाजाही बढ़ाना भी इस पूरे घटनाक्रम का अहम हिस्सा है.
ट्रंप का मिडिल ईस्ट प्लान
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ युद्ध के बाद मध्य पूर्व को लेकर आगे की रणनीति पर काम कर रहा है. इसमें ईरान को रोकने और इजरायल तथा पड़ोसी अरब देशों के बीच संबंध सामान्य करने की कोशिश शामिल हो सकती है. हालांकि, यह योजना अभी शुरुआती स्तर पर है.
अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भी मौजूदगी होगी. जब ट्रंप से उनसे मुलाकात को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह नेतन्याहू से मिल सकते हैं.
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