डबल स्टैंडर्ड बर्दाश्त नहीं... SCO की बैठक में राजनाथ सिंह का पाकिस्तान पर करारा प्रहार, जानें क्या कहा

SCO Summit: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी और वैश्विक सुरक्षा के संदर्भ में भारत के स्पष्ट विचार व्यक्त किए.

Rajnath Singh statement on terrorism global security in SCO Summit Bishkek Kyrgyzstan
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SCO Summit: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी और वैश्विक सुरक्षा के संदर्भ में भारत के स्पष्ट विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि आज दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहां एकतरफा फैसले, संघर्ष और अस्थिरता बढ़ रही है, ऐसे में SCO की भूमिका और भी अहम हो जाती है. इस दौरान मंत्री ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को बड़ा खतरा बताया. इसके साथ ही पहलगाम हमले का भी जिक्र किया.

"आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा"

राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ आज दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म या राष्ट्रीयता नहीं होती. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की शिकायत या कारण आतंकवाद को सही नहीं ठहरा सकता. उन्होंने कहा आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होकर लड़ना होगा.

रक्षा मंत्री ने किया पहलगाम अटैक का जिक्र

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल पलगाम में हुए आतंकवादी हमले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस आतंकी हमले ने पूरी मानवता को झकझोर दिया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने यह साफ कर दिया है कि आतंकवाद के ठिकाने अब सुरक्षित नहीं हैं. राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो देश आतंकियों को पनाह देते हैं या समर्थन करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सीमा पार प्रायोजित आतंकवाद सीधे किसी देश की संप्रभुता पर हमला है.

ऑपरेशन सिंदूर और जीरो टॉलरेंस नीति

राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को स्पष्ट करता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म या देश नहीं होता और इसे एक वैश्विक खतरे के रूप में देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि स्टेट-स्पॉन्सर्ड और क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है. दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और सभी देशों को एक समान रुख अपनाना होगा.

RATS की अहम भूमिका

राजनाथ सिंह ने एससीओ के रीजनल एंटी-टेरर स्ट्रक्चर (RATS) की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि कट्टरपंथ, अलगाववाद और आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त मोर्चा जरूरी है. उन्होंने कहा कि यह सवाल “न्यू वर्ल्ड ऑर्डर” बनाने का नहीं, बल्कि “ज्यादा व्यवस्थित दुनिया” बनाने का है. इसके लिए डायलॉग और डिप्लोमेसी ही रास्ता है, न कि युद्ध और हिंसा. अपने संबोधन के अंत में राजनाथ सिंह ने कहा कि “वसुधैव कुटुंबकम” के सिद्धांत पर आधारित सहयोग ही दुनिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित कर सकता है.

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