Indian Army Commandos: भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद खुद को सिर्फ मजबूत ही नहीं किया, बल्कि पूरी तरह नए तरीके से तैयार किया है. इस ऑपरेशन से मिले अनुभव के आधार पर सेना ने अपनी रणनीति, ढांचा और क्षमताओं में बड़े बदलाव किए हैं, ताकि बदलते युद्ध के दौर में वह हर चुनौती का सामना कर सके.
नए यूनिट्स और फॉर्मेशन तैयार
ऑपरेशन के बाद सेना ने करीब 50 नई मिशन-रेडी यूनिट्स तैयार की हैं. ये यूनिट्स किसी भी स्थिति में तुरंत एक्शन लेने के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही 4 नई Agile Formations बनाई गई हैं, जिन्हें तेजी से मूवमेंट और सटीक ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है. इसके अलावा फॉर्मेशन मुख्यालयों का भी गठन किया गया है, जिससे सेना का ढांचा पहले से ज्यादा लचीला और मिशन पर केंद्रित हो गया है.
हथियार और तकनीक में बड़ा बदलाव
सेना ने अपने हथियारों और तकनीक को भी नए स्तर पर पहुंचाया है.
ये आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि यह दिखाते हैं कि सेना अब नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है.
बदलते युद्ध के हिसाब से तैयारी
आज का युद्ध पहले जैसा नहीं रहा. अब इसमें ड्रोन, सटीक हमले, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और रियल-टाइम जानकारी की बड़ी भूमिका है. इसे ध्यान में रखते हुए सेना ने अपने सिस्टम को अपडेट किया है, ताकि वह हर स्थिति में तेजी और सटीकता के साथ काम कर सके.
ड्रोन और नई तकनीक का इस्तेमाल
पिछले एक साल में सेना ने अपनी मारक क्षमता को काफी बढ़ाया है. अब सेना के पास ऐसे ड्रोन और हथियार हैं, जो दूर से ही दुश्मन को निशाना बना सकते हैं. इसमें शामिल हैं:
इनकी मदद से सेना बिना ज्यादा जोखिम लिए सटीक हमला कर सकती है. निगरानी के लिए भी बड़ी संख्या में टेदरड ड्रोन शामिल किए गए हैं, जो लगातार आसमान में रहकर इलाके पर नजर रखते हैं. इससे कमांडरों को हर समय ताजा जानकारी मिलती रहती है.
एयर डिफेंस भी हुआ मजबूत
आधुनिक युद्ध में ड्रोन और कम ऊंचाई से आने वाले खतरों को देखते हुए सेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को भी मजबूत किया है. इसमें नई तकनीक जैसे, वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और काउंटर-ड्रोन सिस्टम को शामिल किया गया है. इससे अब सेना ऐसे खतरों का बेहतर तरीके से सामना कर सकती है.
फायरपावर में बढ़ोतरी
सेना की फायरपावर भी पहले से ज्यादा मजबूत हुई है. अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर के शामिल होने से जमीन पर लड़ रहे सैनिकों को हवाई सहायता और सटीक हमले की ताकत मिली है. इसके अलावा स्वदेशी तोप प्रणालियों को शामिल कर लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता को भी बढ़ाया गया है. यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक बड़ा कदम है.
सैनिकों की सुरक्षा पर खास ध्यान
सेना ने अपने सबसे अहम हिस्से यानी सैनिकों की सुरक्षा और क्षमता पर भी खास ध्यान दिया है. अब सैनिकों को आधुनिक असॉल्ट राइफल्स (जैसे AK-203), बेहतर बुलेटप्रूफ जैकेट और बैलिस्टिक हेलमेट दिए जा रहे हैं. इनसे सैनिकों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी लड़ने की ताकत भी बढ़ी है.
तेजी से लागू किए गए बदलाव
इस पूरे बदलाव में एक खास बात यह रही कि कई जरूरी उपकरणों की खरीद इमरजेंसी तरीके से की गई, ताकि ऑपरेशन से मिले सबक को तुरंत लागू किया जा सके. सेना के अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोच और काम करने के तरीके में भी बड़ा बदलाव आया है.
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