नई दिल्ली: संसद का मॉनसून सत्र गुरुवार को खत्म हो गया. 25 दिनों तक चले इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर जोरदार हंगामा देखने को मिला. इसके बावजूद केंद्र सरकार दोनों सदनों में 12 बिल पास कराने में सफल रही.
सत्र खत्म होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. उन्होंने कहा कि कामकाज के हिसाब से सत्र अच्छा रहा, लेकिन चर्चा और बहस के मामले में यह सत्र उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा.
12 बिल हुए पास
किरेन रिजिजू ने कहा कि इस सत्र को दो तरह से देखा जा सकता है. अगर संसद के कामकाज की बात करें तो सत्र काफी अच्छा रहा. सरकार ने कुल 12 बिल पास किए. हालांकि, सदन में इन बिलों पर जितनी चर्चा होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हो पाई.
#WATCH | दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, "मानसूत्र आज समाप्त हो गया है... हम 2 तरीके से देखते हैं। काम काज की दृष्टी से बहुत अच्छा सत्र रहा। कुल 12 बिल हमने पारित किए हैं। चर्चा की दृष्टी से अच्छा नहीं हुआ है। लोकसभा में जितना समय आवंटित किया गया है उसमें 19% सफलता… pic.twitter.com/s29edv8nS3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 13, 2026
उन्होंने कहा कि कामकाज के मामले में सरकार अपने प्रदर्शन से संतुष्ट है, लेकिन चर्चा के मामले में ऐसा नहीं है.
लोकसभा में सिर्फ 19 फीसदी कामकाज
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, लोकसभा में तय समय के मुकाबले सिर्फ 19 फीसदी कामकाज हो सका. वहीं राज्यसभा में 39 फीसदी काम हुआ.
उन्होंने कहा कि राज्यसभा में कई मौकों पर विपक्षी दलों ने हंगामा किया और सदन से बाहर भी चले गए. इसकी वजह से सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई.
लोकसभा में सिर्फ एक बिल पर चर्चा
रिजिजू ने बताया कि लोकसभा में सिर्फ एक बिल पर ठीक से चर्चा हो सकी. यह नकल रोकने से जुड़ा बिल था. उनके मुताबिक, इसके अलावा किसी दूसरे बिल पर लोकसभा में अच्छी चर्चा नहीं हो पाई.
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष की ओर से हंगामे के कारण सदन में चर्चा का माहौल नहीं बन सका.
'तीन दशक में ऐसा नजारा पहली बार देखा'
विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें संसद में काम करते हुए करीब तीन दशक हो गए हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा.
उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा देखने को मिला कि सरकार चर्चा के लिए तैयार थी और विपक्ष चर्चा से दूर रहा. उनके मुताबिक, यह स्थिति उनकी कल्पना से भी बाहर थी.
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ सांसदों के लिए संसद में नारे लगाना और हाथों में कार्ड लेकर हंगामा करना ही मुख्य काम रह गया है.
रिजिजू ने कहा कि उन्हें कांग्रेस के नए सांसदों को लेकर चिंता होती है. अगर सदन में चर्चा ही नहीं होगी तो नए सांसद संसद की कार्यवाही और मुद्दों को समझेंगे कैसे.
उन्होंने कहा कि संसद सिर्फ हंगामा करने की जगह नहीं है. यहां जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए और सरकार से सवाल पूछे जाने चाहिए.
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