पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उज्मा खातून ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में अपने भाई इमरान से मुलाकात की है. इस मुलाकात के दौरान उज्मा ने इमरान की सेहत और जेल में उनके साथ हो रही परेशानियों के बारे में जानकारी दी. उनका कहना था कि इमरान खान की सेहत तो ठीक है, लेकिन उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है. यह बयान इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर उठते सवालों के बीच आया है, जिनकी आखिरी जानकारी 4 नवंबर को दी गई थी जब उनकी बहन अलीमा उनसे मिलीं थीं.
मानसिक उत्पीड़न की आशंका
उज्मा खातून ने जेल में इमरान के साथ हुई मुलाकात के बाद बताया कि इमरान खान मानसिक रूप से परेशान हैं. उनका कहना था कि इमरान को पूरी तरह से आइसोलेशन में रखा गया है और उन्हें सारा दिन अकेले बंद कमरे में रखा जाता है. किसी भी प्रकार की बातचीत की अनुमति नहीं दी जाती. उज्मा ने यह भी आरोप लगाया कि इस मानसिक उत्पीड़न के लिए पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल मुनीर जिम्मेदार हैं. उनकी बातों से यह स्पष्ट होता है कि इमरान की मानसिक स्थिति गंभीर हो सकती है, जो जेल में उनके खिलाफ हो रही कार्यवाही से प्रभावित हो रही है.
इमरान के समर्थकों का विरोध
इमरान खान की बहन से मुलाकात के बाद जेल के बाहर हजारों की संख्या में उनके समर्थक जमा हो गए. इमरान के समर्थन में नारे लगाते हुए समर्थक उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे. "इमरान को रिहा करो" और "इमरान नहीं झुकेगा" जैसे नारे गूंज रहे थे. इस दौरान पुलिस और इमरान समर्थकों के बीच नोकझोंक भी हुई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा-144 लागू कर दी गई है.
imran khan is being mentally tortured n under isolation n he claimed only asim munir is responsible for thatpic.twitter.com/j7pKSLXLND
— a! (@tillyourdemise) December 2, 2025
इमरान खान के मामले में अदालत में विवाद
इमरान खान की बहनों ने पिछले सप्ताह इस मामले को लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था. उनकी बहन आलिमा का कहना था कि जेल प्रशासन कोर्ट की अवमानना कर रहा है, क्योंकि इमरान को कानूनी अधिकार नहीं मिल रहे हैं. इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है. इमरान के समर्थक इसे एक राजनीतिक साजिश मानते हैं, जबकि सरकार उनके खिलाफ आरोपों को सही बताती है.
इमरान खान अगस्त 2023 से अडियाला जेल में बंद हैं. उन्हें नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार किया था. इस मामले में इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. विपक्ष का कहना है कि इमरान खान को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है, जबकि सरकार इन आरोपों को सही मानती है. इमरान की रिहाई की मांग अब भी पाकिस्तान की सियासत में एक अहम मुद्दा बनी हुई है.
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