Donald Trump India Relations: अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान नई दिल्ली में भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर खास माहौल देखने को मिला. कार्यक्रम में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने लाइव कॉल के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समारोह से जोड़ा. ट्रंप के संबोधन के दौरान वहां मौजूद लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.
बातचीत के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पीएम मोदी के साथ बेहद अच्छे संबंध हैं और वह उन्हें पसंद करते हैं. ट्रंप के इस बयान पर समारोह में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी.
भारत-अमेरिका रिश्तों को बताया मजबूत साझेदारी
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग और तेजी से बढ़ेगा. उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका की भी सराहना की. ट्रंप ने संकेत दिया कि दोनों देश रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ रहे हैं.
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्ती चर्चा में आई हो. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार दोनों नेताओं के करीबी रिश्तों की चर्चा हो चुकी है. एक बार फिर ट्रंप के बयान ने भारत-अमेरिका संबंधों को सुर्खियों में ला दिया.
#WATCH | Delhi | US Ambassador to India Sergio Gor connects with the US President live at the 250th Independence Day celebration.
— ANI (@ANI) May 24, 2026
US President Donald Trump says, "...I love India...I just want to say hello to everybody. I love the Prime Minister. PM Modi is great, he is my… pic.twitter.com/MxPrFWKdWO
सर्जियो गोर बोले- रिश्ता सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल औपचारिक कूटनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यक्तिगत विश्वास और मजबूत समझ पर भी आधारित हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की करीबी समझ ने दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दी है.
गोर ने बताया कि जब भी उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत होती है, तो वह अक्सर प्रधानमंत्री मोदी के बारे में पूछते हैं. उनके मुताबिक यह रिश्ता वर्षों से लगातार मजबूत होता गया है.
‘अमेरिका फर्स्ट’ का मतलब अकेला अमेरिका नहीं
सर्जियो गोर ने कहा कि ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका अकेले आगे बढ़ना चाहता है. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका लगातार ऐसे अवसरों पर काम कर रहे हैं, जो दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा साबित हों.
उन्होंने बताया कि व्यापार, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच नए रास्ते खुल रहे हैं. इससे बाजारों को मजबूती मिल रही है, इनोवेशन को बढ़ावा मिल रहा है और दोनों देशों में रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं.
पांच महीनों में बढ़ा सहयोग
गोर ने कहा कि पिछले पांच महीनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में काफी तेजी आई है. उन्होंने बताया कि एक अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा भी की जा चुकी है, जिस पर जल्द हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी दूतावास ने हाल ही में भारत में एक अहम प्रतिनिधिमंडल भेजा था और आने वाले समय में भी इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे. गोर के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने मिलकर भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए एक नया विजन तैयार किया है, जो दोनों देशों को सहयोग के नए दौर की ओर ले जा रहा है.
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