Heatwave: दिन की धूप से भी ज्यादा खतरनाक हो रही रात की गर्मी! नींद और सेहत पर डबल अटैक की चेतावनी

देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और अब नौतपा की शुरुआत भी होने वाली है.

Heatwave The heat of the night is becoming more dangerous than the sunlight of the day
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Heatwave: देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और अब नौतपा की शुरुआत भी होने वाली है. आमतौर पर लोग मानते हैं कि गर्मी का सबसे ज्यादा असर दिन में पड़ता है, खासकर दोपहर के समय जब तेज धूप और लू लोगों को परेशान करती है. लेकिन अब डॉक्टरों और मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सिर्फ दिन की गर्मी ही नहीं, बल्कि रात का बढ़ता तापमान भी लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म रातों का असर धीरे-धीरे शरीर पर पड़ता है और कई बार लोगों को इसका एहसास तब होता है, जब तबीयत ज्यादा खराब होने लगती है. लगातार गर्म रातें लोगों की नींद, मानसिक स्थिति और शरीर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर रही हैं.

गर्म रातों की वजह से घट रही नींद

हाल ही में हुई एक स्टडी में 68 देशों के करीब 47 हजार लोगों की नींद से जुड़ा डेटा जांचा गया. इसमें पाया गया कि जिन रातों में तापमान 86 डिग्री फॉरेनहाइट से ऊपर पहुंचा, उन रातों में लोग औसतन 14 मिनट कम सो पाए.

पहली नजर में यह समय कम लग सकता है, लेकिन अगर पूरे साल का हिसाब लगाया जाए तो यह करीब 44 घंटे की नींद के बराबर है. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार कम नींद लेने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है. इससे व्यक्ति सिर्फ थकान महसूस नहीं करता, बल्कि उसकी सोचने-समझने और सही फैसले लेने की क्षमता भी कमजोर होने लगती है.

गर्म रातों में लोगों में चिड़चिड़ापन, बेचैनी और ध्यान लगाने में परेशानी जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं.

रात में शरीर को नहीं मिल पाता आराम

डॉक्टरों के मुताबिक रात का समय शरीर के लिए रिकवरी का समय होता है. इस दौरान शरीर खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है ताकि दिनभर की थकान दूर हो सके. लेकिन जब रात का तापमान भी ज्यादा रहता है, तो शरीर को राहत नहीं मिल पाती.

लगातार पसीना आने की वजह से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है. इससे कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर और लगातार थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. कई लोग सुबह उठने के बाद भी सुस्ती और बेचैनी महसूस करते हैं क्योंकि उनका शरीर रातभर ठीक से आराम नहीं कर पाता.

दुनिया भर में बढ़ रही गर्म रातों की समस्या

विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया भर में रात का तापमान तेजी से बढ़ रहा है. साल 2024 की एक रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 2.4 अरब लोग ऐसे हालात में रह रहे हैं, जहां उन्हें हर साल कम से कम दो हफ्ते ज्यादा गर्म रातों का सामना करना पड़ रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक कई जगहों पर रात का तापमान 77 डिग्री फॉरेनहाइट से ऊपर पहुंच रहा है और आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है.

डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ भविष्य की चिंता नहीं है, बल्कि वर्तमान की बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है, जो लोगों की नींद, मानसिक क्षमता और शारीरिक स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रही है.

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?

विशेषज्ञों के मुताबिक छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग गर्म रातों से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं.

बुजुर्गों के शरीर से पसीना कम निकलता है, जिससे उनका शरीर जल्दी ठंडा नहीं हो पाता. बच्चों के शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है. वहीं दिल, फेफड़ों या किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए गर्म रातें और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती हैं.

इसके अलावा बाहर काम करने वाले मजदूर और लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

रात की गर्मी को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सिर्फ दिन की धूप से ही नहीं, बल्कि रात की गर्मी से भी बचाव करें. सोने से पहले पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और कमरे में हवा आने-जाने की व्यवस्था रखना जरूरी है.

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शरीर को रात में सही आराम नहीं मिलेगा, तो गर्मी का असर धीरे-धीरे सेहत को कमजोर कर सकता है. इसलिए अब जरूरी हो गया है कि लोग दिन के साथ-साथ रात की गर्मी को भी गंभीरता से लें.

ये भी पढ़ें- Weather: दिल्ली से बिहार तक बदलेगा मौसम का मिजाज, कब दस्तक देगा मानसून? IMD ने दे दी गुड न्यूज