जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया है. देशभर में आक्रोश की लहर है और अब भारत की सैन्य प्रतिक्रिया की आहट साफ सुनाई देने लगी है. संकेत स्पष्ट हैं—इस बार जवाब कड़ा, सीधा और निर्णायक होगा. भारतीय सेना PoK में मौजूद आतंक के अड्डों को खत्म करने के लिए ‘डायरेक्ट मिलिट्री एक्शन’ के लिए तैयार है. बीती रात से एलओसी (LoC) पर जबरदस्त फायरिंग हो रही है. उत्तर भारत के एक संवेदनशील क्षेत्र में एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. साथ ही भारत की बैलिस्टिक मिसाइलें ‘रेडी टू अटैक’ मोड में हैं. यह सब कुछ इस ओर इशारा कर रहा है कि इस बार सिर्फ आतंकियों के लॉन्च पैड्स पर नहीं, बल्कि उन्हें पालने वालों पर भी हमला तय है.
PoK: आतंक का फुलप्रूफ इंफ्रास्ट्रक्चर, सेना को पूरी जानकारी
भारतीय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों के पास PoK में मौजूद आतंकियों के हर लॉन्चिंग पैड और ट्रेनिंग कैंप की पक्की जानकारी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, PoK में: 17 ट्रेनिंग सेंटर और 37 सक्रिय लॉन्चिंग पैड्स मौजूद हैं. इन ठिकानों में आतंकियों को हथियार चलाने, जंगलों में छिपने और भारत में घुसपैठ करने की बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती है. जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन, पाकिस्तान सेना की निगरानी में इन इलाकों से आतंकी भेजते हैं.
भारत के निशाने पर ये 20 प्रमुख लॉन्च पैड्स
ये सारे इलाके दुर्गम हैं—कहीं घना जंगल, तो कहीं नदियों की आड़. इन्हीं रास्तों से आतंकी भारत में घुसपैठ करते हैं. पहलगाम हमले के लिए भी इन्हीं ठिकानों से आतंकी भेजे गए थे.
हमले की पूरी साजिश PoK में रची गई थी
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, पहलगाम हमले से पहले पाकिस्तानी सेना ने PoK के मुजफ्फराबाद स्थित अदब याजिद कैंप में आतंकियों को ट्रेनिंग दी थी. इस ट्रेनिंग में पाकिस्तान की SSG यूनिट भी शामिल थी. यही नहीं, पाकिस्तान की QRT यूनिट को भी इस हमले की पूर्व जानकारी थी और उन्हें ‘तेज प्रतिक्रिया’ की ट्रेनिंग दी गई थी. हमले से पहले PoK में पाक सेना ने बंकरों की मरम्मत शुरू की, एयर डिफेंस की रिहर्सल की और अपने फ्रंटलाइन टुकड़ियों को हाई अलर्ट पर रखा.
रावलकोट में हुआ आतंकी गठबंधन का सम्मेलन
हमले से कुछ दिन पहले PoK के रावलकोट में एक खुफिया बैठक हुई जिसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हमास जैसे आतंकी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे. सूत्रों के अनुसार, मसूद अजहर ने फोन पर आतंकियों को भारत पर हमले के लिए उकसाया. पाकिस्तान की धरती पर पल रहे ये आतंकी संगठन—हरकत-उल-मुजाहिदीन, हिजबुल मुजाहिदीन, हरकत उल जिहाद इस्लामी जैसे गुट PoK में सेना की निगरानी में सक्रिय हैं और एक साझा मिशन चला रहे हैं.
बड़ा जवाब तय है: सिर्फ कैंप नहीं, आका होंगे निशाने पर
पिछले सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बावजूद पाकिस्तान ने सबक नहीं सीखा. इस बार भारत सिर्फ आतंकी ढांचे को खत्म नहीं करेगा, बल्कि पाक सेना के सीधे संरक्षण में पल रहे आतंक के रावण को भी निशाना बनाया जाएगा. LoC के पास हाई अलर्ट जारी है. भारी आर्टिलरी, ड्रोन सर्विलांस और स्पेशल फोर्स की टीमों को मोर्चे पर तैनात कर दिया गया है. सेना को खुली छूट दी जा चुकी है और राष्ट्रीय राइफल्स की अतिरिक्त यूनिट्स कश्मीर में ऐक्टिव ऑपरेशन चला रही हैं. बताया जा रहा है कि इस समय घाटी में करीब 130 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं.
अंतिम चेतावनी या निर्णायक प्रहार
PoK में सक्रिय आतंकी ठिकाने और उन्हें शरण देने वाली पाक सेना अब भारत की निर्णायक कार्रवाई के घेरे में है. सवाल सिर्फ इतना है कि भारत अगली स्ट्राइक कब करेगा—क्योंकि अब इरादा स्पष्ट है, और जवाब तय.
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