NEET-UG Exam: मेडिकल दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 को केंद्र सरकार ने रद्द कर दिया है. यह फैसला पेपर लीक और बड़ी गड़बड़ियों की पुष्टि के बाद लिया गया है. अब पूरी परीक्षा दोबारा कराई जाएगी.
सीबीआई को सौंपी गई जांच
सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है. सीबीआई ने भी जांच शुरू कर दी है और इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिन्हें अलग-अलग राज्यों में भेजा गया है.
22.79 लाख छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा
इस परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था. अब इन सभी को दोबारा परीक्षा देनी होगी. हालांकि छात्रों को फिर से रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और न ही कोई अतिरिक्त फीस देनी होगी. परीक्षा का पूरा खर्च नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) उठाएगी. नई परीक्षा तारीखों की घोषणा अगले 10 दिनों के अंदर की जाएगी.
पेपर लीक की कैसे हुई पुष्टि
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान पुलिस की एसओजी टीम को एक सैंपल पेपर मिला था, जिसमें 410 सवालों में से 140 से ज्यादा सवाल असली परीक्षा से मेल खाते थे. इसके बाद यह जानकारी एनटीए और केंद्रीय एजेंसियों को दी गई. जांच में पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया.
एनटीए का फैसला और बयान
एनटीए ने कहा है कि छात्रों के हित और परीक्षा की विश्वसनीयता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. एनटीए के मुताबिक, परीक्षा केंद्र वही रहेंगे और दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी.
पहली बार पूरी परीक्षा रद्द
यह पहली बार है जब नीट-यूजी की पूरी परीक्षा रद्द की गई है. इससे पहले भी कुछ गड़बड़ियों के मामले सामने आए थे, लेकिन तब केवल कुछ केंद्रों पर ही दोबारा परीक्षा कराई गई थी.
सीबीआई की जांच तेज
सीबीआई ने साफ किया है कि वह इस मामले में जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है. जांच टीमों को अलग-अलग शहरों में भेजा गया है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके. इस फैसले के बाद छात्रों में चिंता बढ़ गई है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा की शुचिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जरूरी था.
ये भी पढ़ें- जो देश आतंकियों का बचाव करते हैं... चीन और पाक के रिश्तों पर सख्त भारत सरकार, विदेश मंत्रालय ने दिया बड़ा बयान