...खासियत बन गई फर्जी खबरें फैलाना, भारत पर झूठे आरोप लगा रहे मोहम्मद युनूस

बांग्लादेश की मौजूदा अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने देश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि न तो मंदिरों को निशाना बनाया गया है, न ही अल्पसंख्यकों की सुरक्षा खतरे में है.

Muhammad Yunus Commented against india blames for spreading fake news against bangladesh
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बांग्लादेश की मौजूदा अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने देश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि न तो मंदिरों को निशाना बनाया गया है, न ही अल्पसंख्यकों की सुरक्षा खतरे में है. यूनुस ने इन खबरों को “फेक न्यूज” बताते हुए कहा कि भारत की मीडिया जानबूझकर बांग्लादेश की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है.

मशहूर पत्रकार महदी हसन को दिए गए एक इंटरव्यू में यूनुस ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जमीनी हालात की सही जानकारी नहीं है. उन्होंने ट्रंप की ओर से उठाई गई चिंताओं को “सूचना की कमी” का नतीजा बताया. यूनुस ने आरोप लगाया कि भारत से फैलाई जा रही गलत और भ्रामक खबरें बांग्लादेश की स्थिरता को प्रभावित करने की कोशिश हैं. बांग्लादेश में कोई हिंदू विरोधी हिंसा नहीं हो रही है. भारत की खासियत बन चुकी है फर्जी खबरें फैलाना, और यहीं से ये झूठी बातें सामने आ रही हैं. 

विरोध और प्रदर्शन को भी बताया ‘बिना आधार’

जब महदी हसन ने नवंबर 2025 में करीब 30,000 हिंदुओं के प्रदर्शन का हवाला दिया, तो यूनुस ने कहा कि इस आंकड़े की कोई पुष्टि नहीं है और इसे राजनीतिक उद्देश्यों से फैलाया गया है. उनका कहना था कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को डराने या सताने का कोई सरकारी प्रयास नहीं हुआ है, बल्कि उनकी सरकार ने कई बार शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है.

अंतरिम सरकार पर सवाल, यूनुस ने दी सफाई

शेख हसीना सरकार के पतन के बाद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, खासकर चुनाव में देरी को लेकर. आलोचक कह रहे हैं कि 18 महीने की समयसीमा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है. मगर यूनुस का मानना है कि जल्दबाज़ी की बजाय स्थिर शासन और पारदर्शिता पर फोकस जरूरी है. उन्होंने कहा कि, “कुछ लोग चाहते हैं कि मैं पांच साल, दस साल, यहां तक कि पचास साल तक सत्ता में रहूं. अगर इससे बांग्लादेश भ्रष्टाचार और अस्थिरता के पुराने चक्र से बचता है, तो मैं इसे गलत नहीं मानता.”

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